शराब दुकान की मांग पहुँची कलेक्टर तक, घर में शराब रखने की सीमा पूछकर मचा हड़कंप,जनसमस्या निवारण शिविर में आया चौंकाने वाला आवेदन, आबकारी विभाग भी हुआ असमंजस में

छुरा:- छुरा विकासखंड के ग्राम पंचायत अकलवारा में सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब खड़मा ग्राम पंचायत से शराब दुकान खोलने से जुड़ा आवेदन सामने आया। आवेदन ग्राम पंचायत के सरपंच, जनपद सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत किया गया।
लेकिन शिविर में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और चर्चा का विषय बना वह आवेदन, जिसमें ग्राम खड़मा निवासी रुद्रकुमार एवं चुकुकुमार ने सीधे आबकारी विभाग से लिखित जानकारी की मांग कर डाली। दोनों आवेदकों ने स्वीकार किया कि वे नियमित रूप से मदिरा सेवन के आदी हैं और गांव में शराब दुकान नहीं होने के कारण उन्हें शराब लेने के लिए छुरा या फिंगेश्वर तक लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
आवेदन में उल्लेख किया गया कि रोजाना इतनी लंबी दूरी तय करना उनके लिए काफी कष्टदायक और समयसाध्य हो गया है। इसी समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने आबकारी विभाग से यह जानना चाहा है कि
“शराब दुकान से एक साथ कितने पौवा मदिरा खरीदकर घर में रखना कानूनी रूप से वैध है?”
शिविर में मचा कौतूहल, अधिकारी भी हुए हैरान
जनसमस्या निवारण शिविर में इस आवेदन के सामने आते ही उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणों के बीच कौतूहल और चर्चा का माहौल बन गया। यह पहला मौका माना जा रहा है जब किसी ग्रामीण ने खुले तौर पर घर में शराब रखने की वैधानिक सीमा को लेकर आधिकारिक जानकारी मांगी हो।
अब टिकी निगाहें प्रशासन के फैसले पर
फिलहाल यह आवेदन संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि
क्या ग्राम खड़मा में शराब दुकान खोलने की मांग पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
और क्या आबकारी विभाग घर में शराब रखने की सीमा को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगा?
यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर प्रशासनिक रुख अहम माना जा रहा है।
