हरेली की हरियाली पर आधुनिकता की मार! फीकी पड़ रही छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, विलुप्ति के कगार पर पहुंची गेड़ी कभी गांव-गांव गूंजती थी गेड़ी की धमक, आज गलियों में ढूंढे नहीं मिलते गेड़ी पर दौड़ते बच्चे — मोबाइल और आधुनिकता ने बदली हरेली की तस्वीर
रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी गरियाबंद । छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी माटी, खेती-किसानी, लोकगीत, लोकनृत्य और...
