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सागौन के अवैध कारोबार पर वन विभाग का बड़ा शिकंजा! दो घरों में दबिश देकर 21 नग सागौन चिरान जब्त, ₹22 हजार की लकड़ी बरामद कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई, दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज देवभोग,। वन संपदा की अवैध कटाई, तस्करी और अवैध रूप से लकड़ी के संग्रहण के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देवभोग क्षेत्र में विभागीय टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए हैं। जब्त सागौन चिरान की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के बाद वन विभाग ने दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य वनसंरक्षक रायपुर वृत्त रायपुर मणिवासगन एस. के मार्गदर्शन तथा वनमंडलाधिकारी गरियाबंद मयंक पाण्डेय एवं उपवनमंडलाधिकारी देवभोग मनोज चन्द्राकर के निर्देशन में की गई। वन विभाग को क्षेत्र में सागौन चिरान के अवैध रूप से संग्रहण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा सर्च वारंट जारी कर संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कैंटपदर में घर के अंदर छिपाकर रखे थे 11 नग सागौन चिरान वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट क्रमांक 87, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) अंतर्गत ग्राम कैंटपदर निवासी लालसिंह वल्द परमानंद मांझी के घर में तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 11 नग इमारती चिरान अवैध रूप से रखे हुए पाए गए। इन चिरानों की कुल मात्रा 0.115 घन मीटर थी। वन अमले ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए सभी चिरानों को विधिवत जब्त कर लिया। इस मामले में वन विभाग द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/16, दिनांक 31 अगस्त 2026 पंजीबद्ध किया गया है तथा प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बरकानी में भी मिला सागौन का अवैध भंडारण वन विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। इसी अभियान के तहत सर्च वारंट क्रमांक 88, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर ग्राम बरकानी निवासी जगताराम वल्द गोरांगो यादव के घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 10 नग इमारती चिरान बरामद हुए। इनकी कुल मात्रा 0.142 घन मीटर पाई गई। विभागीय टीम ने मौके से सभी चिरानों को विधिवत जब्त करते हुए संबंधित के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/17, दिनांक 31 अगस्त 2026 दर्ज किया है। दो कार्रवाई में 21 नग सागौन चिरान जब्त वन विभाग द्वारा की गई दोनों अलग-अलग कार्रवाई में कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर है। विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹22,000 है। वन विभाग की इस कार्रवाई से यह साफ है कि जंगलों से निकलने वाली बेशकीमती सागौन लकड़ी के अवैध संग्रहण और परिवहन पर विभाग की नजर लगातार बनी हुई है। सूचना मिलते ही सर्च वारंट के माध्यम से संदिग्ध स्थानों पर तलाशी लेकर अवैध वन संपदा को जब्त किया जा रहा है। वन अमले की मौजूदगी में हुई पूरी कार्रवाई सर्च कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग) छबीलाल ध्रुव, परिक्षेत्र सहायक देवभोग, परिक्षेत्र सहायक पैण्ड्रा (मैनपुर परिक्षेत्र), सर्च वारंट प्रभारी कविन्द्र मिश्रा सहित देवभोग परिक्षेत्र का वन अमला मौजूद रहा। वन विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार करते हुए बरामद सागौन चिरानों को जब्त किया और संबंधित मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध संग्रहण पर जारी रहेगा अभियान वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, अवैध परिवहन और वन उपज के अवैध संग्रहण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगल और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। देवभोग क्षेत्र में एक ही अभियान के दौरान दो अलग-अलग घरों से सागौन चिरान की बरामदगी ने यह भी दर्शाया है कि वन विभाग अब अवैध रूप से संग्रहित वन संपदा को लेकर लगातार सक्रिय है। विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आम लोगों से भी अपील की है कि जंगलों की अवैध कटाई अथवा वन उपज के अवैध संग्रहण से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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सागौन के अवैध कारोबार पर वन विभाग का बड़ा शिकंजा! दो घरों में दबिश देकर 21 नग सागौन चिरान जब्त, ₹22 हजार की लकड़ी बरामद

सागौन के अवैध कारोबार पर वन विभाग का बड़ा शिकंजा! दो घरों में दबिश देकर 21 नग सागौन चिरान जब्त, ₹22 हजार की लकड़ी बरामद कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई, दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज देवभोग,। वन संपदा की अवैध कटाई, तस्करी और अवैध रूप से लकड़ी के संग्रहण के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देवभोग क्षेत्र में विभागीय टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए हैं। जब्त सागौन चिरान की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के बाद वन विभाग ने दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य वनसंरक्षक रायपुर वृत्त रायपुर मणिवासगन एस. के मार्गदर्शन तथा वनमंडलाधिकारी गरियाबंद मयंक पाण्डेय एवं उपवनमंडलाधिकारी देवभोग मनोज चन्द्राकर के निर्देशन में की गई। वन विभाग को क्षेत्र में सागौन चिरान के अवैध रूप से संग्रहण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा सर्च वारंट जारी कर संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कैंटपदर में घर के अंदर छिपाकर रखे थे 11 नग सागौन चिरान वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट क्रमांक 87, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) अंतर्गत ग्राम कैंटपदर निवासी लालसिंह वल्द परमानंद मांझी के घर में तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 11 नग इमारती चिरान अवैध रूप से रखे हुए पाए गए। इन चिरानों की कुल मात्रा 0.115 घन मीटर थी। वन अमले ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए सभी चिरानों को विधिवत जब्त कर लिया। इस मामले में वन विभाग द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/16, दिनांक 31 अगस्त 2026 पंजीबद्ध किया गया है तथा प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बरकानी में भी मिला सागौन का अवैध भंडारण वन विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। इसी अभियान के तहत सर्च वारंट क्रमांक 88, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर ग्राम बरकानी निवासी जगताराम वल्द गोरांगो यादव के घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 10 नग इमारती चिरान बरामद हुए। इनकी कुल मात्रा 0.142 घन मीटर पाई गई। विभागीय टीम ने मौके से सभी चिरानों को विधिवत जब्त करते हुए संबंधित के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/17, दिनांक 31 अगस्त 2026 दर्ज किया है। दो कार्रवाई में 21 नग सागौन चिरान जब्त वन विभाग द्वारा की गई दोनों अलग-अलग कार्रवाई में कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर है। विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹22,000 है। वन विभाग की इस कार्रवाई से यह साफ है कि जंगलों से निकलने वाली बेशकीमती सागौन लकड़ी के अवैध संग्रहण और परिवहन पर विभाग की नजर लगातार बनी हुई है। सूचना मिलते ही सर्च वारंट के माध्यम से संदिग्ध स्थानों पर तलाशी लेकर अवैध वन संपदा को जब्त किया जा रहा है। वन अमले की मौजूदगी में हुई पूरी कार्रवाई सर्च कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग) छबीलाल ध्रुव, परिक्षेत्र सहायक देवभोग, परिक्षेत्र सहायक पैण्ड्रा (मैनपुर परिक्षेत्र), सर्च वारंट प्रभारी कविन्द्र मिश्रा सहित देवभोग परिक्षेत्र का वन अमला मौजूद रहा। वन विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार करते हुए बरामद सागौन चिरानों को जब्त किया और संबंधित मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध संग्रहण पर जारी रहेगा अभियान वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, अवैध परिवहन और वन उपज के अवैध संग्रहण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगल और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। देवभोग क्षेत्र में एक ही अभियान के दौरान दो अलग-अलग घरों से सागौन चिरान की बरामदगी ने यह भी दर्शाया है कि वन विभाग अब अवैध रूप से संग्रहित वन संपदा को लेकर लगातार सक्रिय है। विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आम लोगों से भी अपील की है कि जंगलों की अवैध कटाई अथवा वन उपज के अवैध संग्रहण से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई, दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण...

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सागौन के अवैध कारोबार पर वन विभाग का बड़ा शिकंजा! दो घरों में दबिश देकर 21 नग सागौन चिरान जब्त, ₹22 हजार की लकड़ी बरामद कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई, दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज देवभोग,। वन संपदा की अवैध कटाई, तस्करी और अवैध रूप से लकड़ी के संग्रहण के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देवभोग क्षेत्र में विभागीय टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए हैं। जब्त सागौन चिरान की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के बाद वन विभाग ने दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य वनसंरक्षक रायपुर वृत्त रायपुर मणिवासगन एस. के मार्गदर्शन तथा वनमंडलाधिकारी गरियाबंद मयंक पाण्डेय एवं उपवनमंडलाधिकारी देवभोग मनोज चन्द्राकर के निर्देशन में की गई। वन विभाग को क्षेत्र में सागौन चिरान के अवैध रूप से संग्रहण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा सर्च वारंट जारी कर संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कैंटपदर में घर के अंदर छिपाकर रखे थे 11 नग सागौन चिरान वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट क्रमांक 87, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) अंतर्गत ग्राम कैंटपदर निवासी लालसिंह वल्द परमानंद मांझी के घर में तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 11 नग इमारती चिरान अवैध रूप से रखे हुए पाए गए। इन चिरानों की कुल मात्रा 0.115 घन मीटर थी। वन अमले ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए सभी चिरानों को विधिवत जब्त कर लिया। इस मामले में वन विभाग द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/16, दिनांक 31 अगस्त 2026 पंजीबद्ध किया गया है तथा प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बरकानी में भी मिला सागौन का अवैध भंडारण वन विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। इसी अभियान के तहत सर्च वारंट क्रमांक 88, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर ग्राम बरकानी निवासी जगताराम वल्द गोरांगो यादव के घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 10 नग इमारती चिरान बरामद हुए। इनकी कुल मात्रा 0.142 घन मीटर पाई गई। विभागीय टीम ने मौके से सभी चिरानों को विधिवत जब्त करते हुए संबंधित के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/17, दिनांक 31 अगस्त 2026 दर्ज किया है। दो कार्रवाई में 21 नग सागौन चिरान जब्त वन विभाग द्वारा की गई दोनों अलग-अलग कार्रवाई में कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर है। विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹22,000 है। वन विभाग की इस कार्रवाई से यह साफ है कि जंगलों से निकलने वाली बेशकीमती सागौन लकड़ी के अवैध संग्रहण और परिवहन पर विभाग की नजर लगातार बनी हुई है। सूचना मिलते ही सर्च वारंट के माध्यम से संदिग्ध स्थानों पर तलाशी लेकर अवैध वन संपदा को जब्त किया जा रहा है। वन अमले की मौजूदगी में हुई पूरी कार्रवाई सर्च कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग) छबीलाल ध्रुव, परिक्षेत्र सहायक देवभोग, परिक्षेत्र सहायक पैण्ड्रा (मैनपुर परिक्षेत्र), सर्च वारंट प्रभारी कविन्द्र मिश्रा सहित देवभोग परिक्षेत्र का वन अमला मौजूद रहा। वन विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार करते हुए बरामद सागौन चिरानों को जब्त किया और संबंधित मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध संग्रहण पर जारी रहेगा अभियान वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, अवैध परिवहन और वन उपज के अवैध संग्रहण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगल और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। देवभोग क्षेत्र में एक ही अभियान के दौरान दो अलग-अलग घरों से सागौन चिरान की बरामदगी ने यह भी दर्शाया है कि वन विभाग अब अवैध रूप से संग्रहित वन संपदा को लेकर लगातार सक्रिय है। विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आम लोगों से भी अपील की है कि जंगलों की अवैध कटाई अथवा वन उपज के अवैध संग्रहण से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई, दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण...

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सागौन के अवैध कारोबार पर वन विभाग का बड़ा शिकंजा! दो घरों में दबिश देकर 21 नग सागौन चिरान जब्त, ₹22 हजार की लकड़ी बरामद कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई, दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज देवभोग,। वन संपदा की अवैध कटाई, तस्करी और अवैध रूप से लकड़ी के संग्रहण के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देवभोग क्षेत्र में विभागीय टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए हैं। जब्त सागौन चिरान की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के बाद वन विभाग ने दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य वनसंरक्षक रायपुर वृत्त रायपुर मणिवासगन एस. के मार्गदर्शन तथा वनमंडलाधिकारी गरियाबंद मयंक पाण्डेय एवं उपवनमंडलाधिकारी देवभोग मनोज चन्द्राकर के निर्देशन में की गई। वन विभाग को क्षेत्र में सागौन चिरान के अवैध रूप से संग्रहण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा सर्च वारंट जारी कर संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कैंटपदर में घर के अंदर छिपाकर रखे थे 11 नग सागौन चिरान वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट क्रमांक 87, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) अंतर्गत ग्राम कैंटपदर निवासी लालसिंह वल्द परमानंद मांझी के घर में तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 11 नग इमारती चिरान अवैध रूप से रखे हुए पाए गए। इन चिरानों की कुल मात्रा 0.115 घन मीटर थी। वन अमले ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए सभी चिरानों को विधिवत जब्त कर लिया। इस मामले में वन विभाग द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/16, दिनांक 31 अगस्त 2026 पंजीबद्ध किया गया है तथा प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बरकानी में भी मिला सागौन का अवैध भंडारण वन विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। इसी अभियान के तहत सर्च वारंट क्रमांक 88, दिनांक 30 अगस्त 2026 के आधार पर ग्राम बरकानी निवासी जगताराम वल्द गोरांगो यादव के घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर के अंदर सागौन प्रजाति के 10 नग इमारती चिरान बरामद हुए। इनकी कुल मात्रा 0.142 घन मीटर पाई गई। विभागीय टीम ने मौके से सभी चिरानों को विधिवत जब्त करते हुए संबंधित के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20961/17, दिनांक 31 अगस्त 2026 दर्ज किया है। दो कार्रवाई में 21 नग सागौन चिरान जब्त वन विभाग द्वारा की गई दोनों अलग-अलग कार्रवाई में कुल 21 नग सागौन प्रजाति के इमारती चिरान जब्त किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 0.257 घन मीटर है। विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹22,000 है। वन विभाग की इस कार्रवाई से यह साफ है कि जंगलों से निकलने वाली बेशकीमती सागौन लकड़ी के अवैध संग्रहण और परिवहन पर विभाग की नजर लगातार बनी हुई है। सूचना मिलते ही सर्च वारंट के माध्यम से संदिग्ध स्थानों पर तलाशी लेकर अवैध वन संपदा को जब्त किया जा रहा है। वन अमले की मौजूदगी में हुई पूरी कार्रवाई सर्च कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग) छबीलाल ध्रुव, परिक्षेत्र सहायक देवभोग, परिक्षेत्र सहायक पैण्ड्रा (मैनपुर परिक्षेत्र), सर्च वारंट प्रभारी कविन्द्र मिश्रा सहित देवभोग परिक्षेत्र का वन अमला मौजूद रहा। वन विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार करते हुए बरामद सागौन चिरानों को जब्त किया और संबंधित मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध संग्रहण पर जारी रहेगा अभियान वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, अवैध परिवहन और वन उपज के अवैध संग्रहण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगल और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। देवभोग क्षेत्र में एक ही अभियान के दौरान दो अलग-अलग घरों से सागौन चिरान की बरामदगी ने यह भी दर्शाया है कि वन विभाग अब अवैध रूप से संग्रहित वन संपदा को लेकर लगातार सक्रिय है। विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आम लोगों से भी अपील की है कि जंगलों की अवैध कटाई अथवा वन उपज के अवैध संग्रहण से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।