महिला आरक्षण बिल बहाना, परिसीमन असली निशाना” — अब्दुल समद खान का बीजेपी पर तीखा हमला

 


छुरा। महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। इसी बीच छुरा के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अब्दुल समद खान ने बीजेपी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “महिला आरक्षण बिल केवल एक बहाना है, असली निशाना परिसीमन (डिलिमिटेशन) है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर उसकी मंशा स्पष्ट नहीं है।

अब्दुल समद खान ने कहा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सम्मान और नेतृत्व देने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल , पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मैरा कुमार , पहली महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू और पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी जैसे कई सशक्त नेतृत्व कांग्रेस की देन हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में 33% महिला आरक्षण भी कांग्रेस सरकार की ही देन है, जिसने देशभर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत किया।

खान ने बीजेपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में गंभीर है, तो 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू क्यों नहीं किया जा रहा है? उन्होंने बताया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहले ही इस संबंध में पत्र लिखकर सरकार से मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा,
“बीजेपी महिलाओं को भ्रमित करने की कोशिश न करे। आज की महिलाएं जागरूक हैं, वे किसी के बहकावे में आने वाली नहीं हैं। महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए और वास्तविक रूप से महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए।”

महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर जहां बीजेपी इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा करार दे रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक गरमाने के आसार हैं।

मुख्य खबरें