शराब दुकान, जाम और छींटाकशी से त्रस्त छुरा की जनता का फूटा गुस्सा “धर्मशाला बचाओ, बाजार से शराब दुकान हटाओ”बीच सड़क शराब दुकान से बिगड़े हालात, स्कूली छात्राओं से छींटाकशी और भारी वाहनों के जाम से परेशान नागरिक पहुंचे सुशासन तिहार

छुरा। विकासखंड छुरा अंतर्गत नगर पंचायत छुरा में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान नगर की बदहाल जनसुविधाओं, अव्यवस्थित यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सामाजिक कार्यकर्ता मेष नंदन पाण्डेय एवं अक्षत तिवारी द्वारा प्रशासन को दिए गए आवेदनों में नगर की वर्षों पुरानी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई।
आवेदन में नगर पंचायत छुरा के सदर मार्ग स्थित दान स्वरूप प्राप्त धर्मशाला को पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए शुरू करने की मांग की गई है। आवेदनकर्ताओं ने बताया कि यह धर्मशाला कभी राहगीरों, ग्रामीणों, मरीजों के परिजनों एवं सामाजिक आयोजनों का प्रमुख सहारा हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में इसे दुकानों और गोदामों में तब्दील कर किराए पर दे दिया गया है। इसके कारण नगर में बाहर से आने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए रात्रि विश्राम की कोई समुचित व्यवस्था नहीं बची है।
मेष नंदन पाण्डेय एवं अक्षत तिवारी ने कहा कि दान में मिली सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग जनकल्याण के लिए होना चाहिए, न कि केवल राजस्व कमाने के साधन के रूप में। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि धर्मशाला को व्यावसायिक कब्जे से मुक्त कर पुनः आम जनता के लिए खोला जाए।
वहीं एक अन्य आवेदन में नगर के बीच संचालित शासकीय शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग ने भी जोर पकड़ा। आवेदन में बताया गया कि कोमाखान-छुरा मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान के सामने ही छड़-गिट्टी और सीमेंट की दुकानें संचालित हैं, जहां दिनभर भारी वाहनों द्वारा सीमेंट, गिट्टी और छड़ की लोडिंग-अनलोडिंग की जाती है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के कारण क्षेत्र में हमेशा जाम जैसे हालात बने रहते हैं। बगल में स्थित धर्म कांटा के कारण भी भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों का निकलना दूभर हो गया है।
आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसके कारण महिलाओं और स्कूली छात्राओं को आए दिन छींटाकशी और अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल और बाजार जाने वाली छात्राएं तथा महिलाएं इस मार्ग से गुजरने में असहज महसूस करती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान के सामने भीड़, अव्यवस्थित पार्किंग और भारी वाहनों की आवाजाही ने लोगों का जीना हराम कर दिया है तथा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुरक्षा, यातायात व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान को तत्काल किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए तथा नगर की प्रमुख सार्वजनिक समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
