कागजों में पर्याप्त आपूर्ति, जमीन पर पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार”किसान रातभर कर रहे रतजगा, जनता त्रस्त पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, डब्बों की लाइन ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल- नादिर कुरैशी 

गरियाबंद । शासन-प्रशासन द्वारा पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पूरी तरह पोल खोलती नजर आ रही है। नगर सहित ग्रामीण अंचलों के पेट्रोल पंपों में हालात बद से बदतर बने हुए हैं। पंपों के बाहर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें और लाइन में रखे डब्बे साफ बता रहे हैं कि ईंधन संकट कितना गहरा चुका है।

सुबह होते ही पेट्रोल पंपों में
लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कोई बाइक लेकर लाइन में खड़ा है तो कोई डीजल के लिए डब्बा रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। कई जगहों पर लोग घंटों इंतजार के बाद भी बिना ईंधन लौटने को मजबूर हैं। पेट्रोल पंपों में “डीजल खत्म” और “सीमित वितरण” जैसे बोर्ड आम हो चुके हैं।

खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल संकट ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ट्रैक्टर और सिंचाई पंप बंद पड़ने की स्थिति में हैं। किसान रातभर पेट्रोल पंपों के बाहर रतजगा कर रहे हैं ताकि सुबह किसी तरह थोड़ी मात्रा में डीजल मिल सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर बताए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर पूर्व कांग्रेस महामंत्री एवं कांग्रेस नेता नादिर कुरैशी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विफल नीतियों और अव्यवस्थित व्यवस्था का खामियाजा आज किसान और आम जनता भुगत रही है। सरकार सिर्फ बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जनता पेट्रोल-डीजल के लिए सड़कों पर भटकने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों में गाड़ियों और डब्बों की लंबी कतारें प्रशासन के दावों की सच्चाई खुद बयां कर रही हैं। यदि पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तो फिर लोगों को रातभर लाइन लगाने की नौबत क्यों आ रही है? यह सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है।

नादिर कुरैशी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक और ईंधन नीतियों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पहले महंगाई ने जनता को परेशान किया और अब पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से बाजारों में भी असर दिखने लगा है और आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ईंधन संकट दूर नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

इधर आम लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार “स्थिति सामान्य” होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों में लग रही भीड़, लंबी कतारें और डब्बों की लाइनें सच्चाई को साफ उजागर कर रही हैं। जनता ने शासन से तत्काल ईंधन आपूर्ति सुचारु करने और संकट से राहत दिलाने की मांग की है।

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