फॉरेस्ट के हाईटेक जाल में फंसे नशे के सौदागर! 4 थाना पार कर निकले, लेकिन टाइगर रिजर्व ने धर दबोचा

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां ओड़िसा से महाराष्ट्र जा रहे गांजा तस्करों को पुलिस नहीं, बल्कि वन विभाग की सतर्क टीम ने पकड़कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र पासिंग मारुति सुजुकी अर्टिगा (MH 10 DQ 4294) में सवार दो तस्कर ओड़िसा से भारी मात्रा में गांजा लेकर निकले थे। तस्करों ने चालाकी दिखाते हुए मुख्य मार्गों की पुलिस चेकिंग से बचने के लिए देवभोग, इंदागांव, जुगाड़ और मेचका जैसे चार थाना क्षेत्र पार कर लिए।
लेकिन उनकी यह चाल उदंति सीतानदी टाइगर रिजर्व के हाईटेक बैरियर के आगे फेल हो गई।
घबराहट बनी गिरफ्तारी की वजह
सांकरा स्थित फॉरेस्ट बैरियर पर तैनात कर्मचारियों को कार सवार युवकों की हरकतें संदिग्ध लगीं। तलाशी लेने की कोशिश की गई तो आरोपियों ने कार में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर बचने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के आगे उनकी चाल नहीं चली।
जैसे ही डिक्की खुलवाई गई, अंदर से गांजे के पैकेटों का जखीरा बरामद हुआ, जिसे देखकर मौके पर मौजूद टीम भी हैरान रह गई।
75 किलो गांजा जब्त, पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में करीब 75 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। सूचना मिलते ही सिहावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई। वन विभाग द्वारा पंचनामा तैयार कर मामले को कानूनी प्रक्रिया में लिया गया है।
महाराष्ट्र के दो तस्कर गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है
स्वप्रिल मलिक (31 वर्ष), पिता – महेश कुमार मलिक
संदीप विष्णु खोत (31 वर्ष), पिता – विष्णु खोत
टाइगर रिजर्व बना तस्करी का नया रूट!
अधिकारियों के अनुसार, तस्करों द्वारा टाइगर रिजर्व के अंदरूनी रास्तों का उपयोग करना बेहद गंभीर मामला है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं। मामले की गहराई से जांच जारी है।
जहां पुलिस चेकिंग से बचने में तस्कर कामयाब रहे, वहीं वन विभाग की सतर्कता ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
यह कार्रवाई साफ संकेत है — अब जंगल के रास्ते भी सुरक्षित नहीं, हर ओर नजर है!
