गरियाबंद जिले में तेंदूपत्ता खरीदी का सघन निरीक्षण, अधिकारियों ने फड़ों पर पहुंचकर परखी व्यवस्था — संग्राहकों को दिए सख्त दिशा-निर्देश

छुरा :- जिले में तेंदूपत्ता खरीदी कार्य को सुचारू, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से वन विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। तेंदूपत्ता सीजन के दौरान संग्राहकों को बेहतर सुविधा, समय पर भुगतान और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आज वनमण्डलाधिकारी गरियाबंद एवं सह प्रबंध संचालक, जिला यूनियन गरियाबंद द्वारा वन परिक्षेत्र पांडुका अंतर्गत समिति खड़मा के तेंदूपत्ता फड़ पंक्तियों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फड़ में मौजूद तेंदूपत्ता संग्रहण, बंडलिंग, तौल, भंडारण एवं खरीदी की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित स्टाफ, फड़मुंशी, प्रबंधकों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों से सीधा संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और खरीदी कार्य की प्रगति की समीक्षा की।
वनमण्डलाधिकारी ने विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण तेंदूपत्ता संग्रहण पर जोर देते हुए कहा कि संग्राहक निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पत्ता तोड़ें, अधपके, फटे, गंदे या खराब पत्तों को संग्रहित न करें, ताकि खरीदी की गुणवत्ता बनी रहे और संग्राहकों को उचित लाभ मिल सके। उन्होंने साफ-सुथरे, बड़े आकार और बेहतर गुणवत्ता वाले पत्तों के संग्रहण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में वनमण्डलाधिकारी शशिगा नंद, वन परिक्षेत्र अधिकारी पाण्डुका संतोष चौहान एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी छुरा लव कुश पाण्डेय द्वारा प्राथमिक लघु वनोपज समिति छुरा अंतर्गत आने वाले तेंदूपत्ता फड़—छुरा, तिलाई, दादर, पिपराही एवं कोसमबुड़ा—का भी निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने फड़ों पर पहुंचकर संग्राहकों से चर्चा की और उन्हें समय पर तेंदूपत्ता जमा करने, निर्धारित मापदंडों का पालन करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने की समझाइश दी। साथ ही खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गड़बड़ी या पारदर्शिता की कमी न हो, इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा है कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो। इसके लिए फड़ों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित संग्राहकों ने भुगतान, तौल व्यवस्था, परिवहन एवं अन्य स्थानीय समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया और कहा कि संग्राहकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि गरियाबंद जिला तेंदूपत्ता उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है, जहां हजारों ग्रामीण और वनांचल के परिवार इस सीजनल रोजगार पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में खरीदी कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है।
वन विभाग द्वारा लगातार की जा रही निगरानी और अधिकारियों के फील्ड निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि इस बार तेंदूपत्ता खरीदी को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। जिले में खरीदी कार्य सुचारू रूप से संचालित है और आने वाले दिनों में भी इसी तरह सतत निरीक्षण जारी रहेगा।
