जनता की अदालत’: सुशासन तिहार में फैसलों की गूंज, जनता के सवाल, अफसरों के जवाब और विधायक का कड़ा एक्शन,*

*छुरा* :-वर्ष 2026 के पहले सुशासन तिहार शिविर में छुरा विकासखंड का ग्राम पंचायत पाटशिवनी उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब जनसमस्या निवारण का मंच अचानक जनआक्रोश का अखाड़ा बन गया। अवैध कच्ची शराब बिक्री और राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जनता ने खुलकर आवाज उठाई, तो मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी कठघरे में नजर आए।
मंगलवार को आयोजित इस शिविर में विधायक रोहित साहू, कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच सहित जिले के तमाम अधिकारी मौजूद थे। जैसे ही जनता को माइक मिला, वर्षों से दबा गुस्सा फूट पड़ा।
जनपद अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने सबसे पहले राजस्व विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “सबसे ज्यादा अगर कोई विभाग जनता को परेशान कर रहा है, तो वह राजस्व विभाग है। किसान जमीन बंटवारा, नामांतरण जैसे कार्यों के लिए सालों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं।”
उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की कि किसानों के काम तत्काल किए जाएं।
जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुवा ने भी राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि “कर्मचारी खुलेआम उगाही कर रहे हैं। हीराबतर के एक किसान से 40 हजार रुपये की मांग की गई है।”
इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में फैल रही अवैध कच्ची शराब बिक्री पर भी गंभीर चिंता जताई और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए।
विधायक का एक्शन मोड: मंच से ही जवाब-तलब और फोन पर निर्देश
जनता की शिकायतों को सुनने के बाद विधायक रोहित साहू पूरे एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने हर शिकायत को बारीकी से सुना और तत्काल संबंधित विभाग के अधिकारियों को माइक थमाकर जनता के सवालों का जवाब देने के निर्देश दिए।
*मंच पर ही जवाबदेही तय होती नजर आई*
अवैध कच्ची शराब के मुद्दे पर विधायक ने सख्त रुख अपनाते हुए सीधे गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की और संबंधित थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश तक दे डाले। इस कार्रवाई से पूरे शिविर में हड़कंप मच गया।
वहीं राजस्व विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर विधायक ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने दो टूक कहा—
“हमारी सरकार में यह सब बिल्कुल नहीं चलेगा। कुछ अधिकारियों की वजह से सरकार का नाम बदनाम होता है, लेकिन अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर जनता की कोई भी शिकायत मेरे पास आई, तो तत्काल सख्त कार्रवाई होगी।”
*“नेता नहीं, बेटा चुना है” — भावनात्मक अंदाज में जनता से संवाद*
शिविर के अंत में विधायक रोहित साहू ने भावनात्मक अंदाज में जनता को संबोधित करते हुए कहा—
“राजीम विधानसभा की जनता ने नेता नहीं, अपना बेटा चुना है। और यह बेटा अपना फर्ज पूरी ईमानदारी से निभाएगा। आपका बेटा रोहित साहू हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ा है।”
उन्होंने आगे कहा कि राजीम विधानसभा क्षेत्र में विकास की रफ्तार अब रुकने वाली नहीं है, बल्कि “बुलेट ट्रेन की तरह तेज और बेरोकटोक आगे बढ़ेगी।”
*शिविर बना संदेश का मंच*
पाटशिवनी का यह सुशासन शिविर केवल समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सिस्टम को आईना दिखाने और जवाबदेही तय करने का बड़ा मंच बन गया। अब जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि मंच से हुई सख्त चेतावनियों और निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है।
