विधायक रोहित साहू की पहल लाई रंग, पटवारी संघ ने खत्म किया बहिष्कार,,संवाद, सम्मान और समन्वय से सुलझा विवाद, सुशासन तिहार को मिली नई मजबूती

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी 

छुरा :- विकासखंड छुरा के ग्राम पाटसिवनी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान उपजे विवाद का आखिरकार सकारात्मक अंत हो गया। राजिम विधायक रोहित साहू की संवेदनशील पहल, बड़े दिल और समन्वयकारी नेतृत्व के चलते राजस्व पटवारी संघ ने अपना बहिष्कार समाप्त कर दिया है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संवाद और आपसी सम्मान से बड़े से बड़ा विवाद भी सुलझाया जा सकता है।
दरअसल, सुशासन तिहार शिविर में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और लंबित मामलों को लेकर शिकायतें रखी गई थीं। इसी दौरान हुई टिप्पणी को लेकर पटवारी संघ में नाराजगी उत्पन्न हो गई और संघ ने विरोध स्वरूप शिविर का बहिष्कार कर दिया। मामला धीरे-धीरे गरमाने लगा और प्रशासनिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई।
लेकिन विवाद को बढ़ने देने के बजाय विधायक रोहित साहू ने परिपक्व नेतृत्व का परिचय दिया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि उनका उद्देश्य किसी कर्मचारी या अधिकारी का अपमान नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना है। विधायक की इस सकारात्मक पहल ने माहौल बदल दिया और विवाद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ा।
इसके बाद राजस्व पटवारी संघ जिला गरियाबंद का प्रतिनिधिमंडल विधायक रोहित साहू से मिलने पहुंचा, जहां सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरे घटनाक्रम पर खुलकर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त हल्कों का भार, सीमित संसाधनों में काम करने की कठिनाइयाँ, ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व कार्यों के दबाव और जमीनी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को विस्तार से रखा।
विधायक रोहित साहू ने सभी बातों को गंभीरता और धैर्य के साथ सुना। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है तथा पटवारियों की भूमिका गांव-गांव तक शासन की योजनाएं पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि जनहित और कर्मचारियों के सम्मान दोनों को साथ लेकर ही आगे कार्य किया जाएगा।
बैठक के दौरान विधायक ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ा माध्यम है और किसी भी प्रकार की गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।
विधायक की सकारात्मक सोच और सहयोगात्मक रवैये से प्रभावित होकर पटवारी संघ ने भी भविष्य में बेहतर तालमेल और संवाद के साथ कार्य करने की सहमति जताई। संघ ने बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों को आम जनता तक सुचारु रूप से पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में यह संदेश गया कि टकराव नहीं बल्कि समन्वय ही समाधान का रास्ता है। विधायक रोहित साहू की पहल को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा तेज है तथा इसे एक सकारात्मक और परिपक्व नेतृत्व का उदाहरण माना जा रहा है।
मुलाकात में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गुलशन यदु, उपाध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी, सचिव लव कुमार साहू, तहसील अध्यक्ष नरेंद्र साहू, अभिषेक चतुर्वेदी, मनीष पारकर, झामन यादव एवं राजेश माण्डले सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे

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