बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने गरियाबंद वन विभाग की कार्यशाला, बाघ गणना पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

गरियाबंद :- देश में बाघ संरक्षण को और अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाने की दिशा में वन विभाग गरियाबंद द्वारा बाघ गणना कार्य को लेकर वनमंडल स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला राष्ट्रीय बाघ संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य बाघों की सटीक गणना के माध्यम से उनके संरक्षण की रणनीतियों को मजबूत करना रहा।
कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी गरियाबंद श्री ससीगानंधन, उप वनमंडलाधिकारी मनोज चन्द्राकर, राकेश चौबे, विकास चन्द्राकर, सहायक संचालक यूएसटीआर जगदीश दर्रो सहित समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी, अधिकारी एवं फील्ड कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) देहरादून से पधारीं विशेषज्ञ श्रीमती ऋतु प्रजापति ने बाघ गणना की नवीनतम वैज्ञानिक पद्धतियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कैमरा ट्रैपिंग, ट्रैक एवं साइन सर्वे, फील्ड डाटा संग्रहण, एम-STRiPES मोबाइल एप के उपयोग तथा प्राप्त आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान बाघों की व्यक्तिगत पहचान, उनके प्राकृतिक आवास, मूवमेंट पैटर्न, मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियाँ तथा गणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि सटीक बाघ गणना न केवल बाघों की वास्तविक संख्या बताती है, बल्कि उनके संरक्षण, कॉरिडोर विकास एवं सुरक्षा योजनाओं के लिए आधारशिला का कार्य करती है।
वनमंडलाधिकारी श्री ससीगानंधन ने अपने उद्बोधन में कहा कि “बाघ केवल वन्यजीव नहीं, बल्कि संपूर्ण वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षक हैं। बाघ संरक्षण का अर्थ है जंगल, जल, जैव विविधता और भविष्य की सुरक्षा। बाघ गणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसे वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से पूरा करना अत्यंत आवश्यक है।”
कार्यशाला के माध्यम से फील्ड कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने, गणना प्रक्रिया में एकरूपता लाने तथा बाघ संरक्षण में सामूहिक सहभागिता को सशक्त करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि बाघ गणना कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, सटीकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संपन्न कर, गरियाबंद वनमंडल को बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत इकाई के रूप में स्थापित किया जाएगा।
