खाकी में इंसानियत की मिसाल,रामनवमी पर पुलिस ने बांटा शरबत, जनता ने कहा– यही है असली सेवा!”

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
मैनपुर :-रामनवमी के पावन पर्व पर मैनपुर पुलिस ने सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने खाकी वर्दी की पारंपरिक छवि को नई ऊंचाई दे दी। थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा के नेतृत्व में मैनपुर बस स्टैंड पर एक विशेष स्टाल लगाकर राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को ठंडा शीतल शरबत वितरित किया गया।
तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच जब लोग सफर कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी हाथों में शरबत के गिलास लेकर सेवा करते नजर आए।
यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए आश्चर्य और सुकून देने वाला था। आमतौर पर पुलिस को सख्त रवैये और कानून-व्यवस्था संभालने वाली ताकत के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस पहल ने यह साबित कर दिया कि पुलिस समाज के प्रति संवेदनशील और सेवा भाव से भरी हुई है।
स्टाल पर रुककर शरबत पीने वाले लोगों ने थाना प्रभारी और पुलिस टीम की खुलकर प्रशंसा की। कई नागरिकों ने कहा कि “ऐसे कार्यों से पुलिस और जनता के बीच दूरी कम होती है और विश्वास बढ़ता है।” कुछ यात्रियों ने तो यह भी कहा कि यह पहल उनके लिए यादगार बन गई और उन्होंने पहली बार पुलिस को इस रूप में देखा।
इस दौरान थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा स्वयं उपस्थित रहकर लोगों को शरबत पिलाते नजर आए। उनके साथ पूरे पुलिस स्टाफ ने भी पूरी तत्परता और उत्साह के साथ इस सेवा कार्य में भाग लिया। यह नजारा यह दर्शाता है कि पुलिस केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि समाज के सुख-दुख में भी बराबर की भागीदार है।
थाना प्रभारी ने बताया कि “त्योहार केवल मनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने का अवसर भी होते हैं। पुलिस का दायित्व है कि वह जनता के बीच विश्वास और सहयोग का माहौल बनाए।”
मैनपुर पुलिस की इस सराहनीय पहल ने यह साबित कर दिया कि खाकी वर्दी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी होता है, जो समाज की भलाई के लिए हमेशा तत्पर रहता है।
यह आयोजन न केवल एक सेवा कार्य था, बल्कि पुलिस और जनता के बीच मजबूत रिश्तों की एक नई शुरुआत भी बन गया।
मैनपुर पुलिस का यह कदम पूरे जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरा है, जो यह संदेश देता है कि जब पुलिस और जनता साथ चलते हैं, तो समाज और भी मजबूत बनता है।
