स्वामी आत्मानंद स्कूल में अव्यवस्थाओं पर भड़की प्रभारी सचिव: पानी, साफ-सफाई और सुविधाओं पर जताई कड़ी नाराजगी” औचक निरीक्षण में खुली खामियां, भोजन तक चखकर परखी गुणवत्ता अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी 
गरियाबंद:- जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का गहनता से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल में चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, आईटी कक्ष, स्मार्ट क्लास और शिक्षण सामग्री की समीक्षा की गई। साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनकी प्रगति के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली गई।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान कई बुनियादी कमियां सामने आने पर प्रभारी सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। विशेष रूप से पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की स्थिति को लेकर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नियमित साफ-सफाई नहीं रखी गई तो बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रभारी सचिव ने स्कूल के किचन रूम का भी निरीक्षण किया और वहां तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं सब्जी का स्वाद चखा। उन्होंने भोजन बनाने वाले कर्मचारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर सकारात्मक असर पड़े।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों और छात्रों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालय शासन की एक उत्कृष्ट पहल है और इसका लाभ हर विद्यार्थी तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए।
इस दौरान कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर, वनमंडलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री जगजीत सिंह धीर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अंत में प्रभारी सचिव ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, कंप्यूटर लैब और खेल सुविधाओं की समग्र समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से दुरुस्त की जाएं।
निरीक्षण के इस कड़े रुख ने साफ कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा।

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