मितानिन दिवस पर छुरा में उमड़ा जनसैलाब – विधायक रोहित साहू ने किया सम्मान, स्वास्थ्य सेवा की सच्ची ‘भीमा शक्ति’ बताया

छुरा :- छुरा के शीतला माता मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को मितानिन दिवस पर ऐसा नजारा देखने को मिला मानो पूरा क्षेत्र अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की असली नायिकाओं को सलाम करने उमड़ पड़ा हो। रंग-बिरंगी साड़ियाँ, उत्साह से भरी मुस्कानें, और सेवा की चमक लिए मितानिन बहनों की भीड़ ने आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजिम विधानसभा के विधायक रोहित साहू ने मंच पर आते ही मितानिनों से हाथ जोड़कर अभिवादन किया और कहा—
“मितानिन सेवा नहीं, यह मानवता का महापर्व है। दूर-दराज के गांवों में स्वास्थ्य की पहली किरण बनकर पहुँचने वाली आप महिलाएँ इस प्रदेश की धड़कन हैं।”
उन्होंने महामारी के दौर में मितानिनों द्वारा निभाए गए दायित्वों को याद करते हुए कहा कि जब हर घर में डर और असमंजस का माहौल था, तब मितानिनें ही थीं जो अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर पहुँच रही थीं।
उन्होंने आगे कहा—
“रात 2 बजे प्रसव का बुलावा आए और मितानिन बहन बिना थके, बिना डरे घर से निकल पड़े… यही समर्पण उन्हें असाधारण बनाता है।”
अतिथियों की बड़ी मौजूदगी, महिलाओं में खास उत्साह
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष मीरा ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य शिवांगी चतुर्वेदी, नगर पंचायत अध्यक्ष लुकेश्वरी निषाद, भाजपा जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य केसरी ध्रुव एवं अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
जनपद अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने मितानिन बहनों को संबोधित करते हुए कहा—
“आपकी मेहनत और ईमानदारी को जितना भी कहा जाए कम है। गाँव की हर खुशखबरी और हर राहत के पीछे कहीं न कहीं आपका संघर्ष जुड़ा होता है।”
सम्मान समारोह में छाई खुशी, मंच पर गूँजे तालियाँ
विधायक रोहित साहू व अन्य अतिथियों ने मितानिनों को श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और फूल भेंट कर सम्मानित किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। कई मितानिनों की आँखें नम थीं, लेकिन चेहरे पर गर्व की असाधारण चमक साफ दिख रही थी।
स्वास्थ्य अधिकारियों की बड़ी उपस्थिति
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न, बीएमओ डॉ. कीर्तन साहू, स्वास्थ्य कर्मी व बड़ी संख्या में मितानिनें मौजूद रहीं। आयोजन स्थल पर महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
मितानिनों के हौसले को मिली नई पहचान
यह आयोजन न केवल सम्मान समारोह था, बल्कि मितानिनों की निस्वार्थ सेवा को समाज के सामने गौरवपूर्ण पहचान देने वाला महा-उत्सव साबित हुआ।
छुरा में मितानिन दिवस का यह भव्य आयोजन सभी के मन में एक बार फिर यह संदेश छोड़ गया—
“जहाँ सेवा है, वहाँ मितानिन है… और जहाँ मितानिन है, वहाँ स्वास्थ्य की उम्मीद हमेशा जीवित रहती है।”
