रात के अंधेरे में जंगली हाथी ने मचाई जमकर तबाही, तस्वीरों में दिखा उत्पात का खौफनाक मंजर; पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग अलर्ट

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी 

गरियाबंद। गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आमामोरा ओढ़ में बीती रात जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाते हुए वन विभाग के विश्रामगृह को निशाना बनाया। हाथी ने विश्रामगृह के दरवाजे और खिड़कियों को तोड़ डाला, बाहर लगा झंडा फहराने वाला पोल क्षतिग्रस्त कर दिया और रसोईघर में घुसकर बर्तनों को भी बुरी तरह कुचल दिया। हाथी के इस तांडव के बाद मौके पर तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा है।

मौके से सामने आई तस्वीरें हाथी के उत्पात की गंभीरता बयां कर रही हैं। विश्रामगृह की खिड़की की लोहे की ग्रिल बुरी तरह मुड़ी हुई नजर आ रही है, जबकि एक अन्य कमरे का दरवाजा टूटकर जमीन पर पड़ा मिला। रसोईघर में रखे सामान और बर्तन भी अस्त-व्यस्त हालत में मिले। वहीं परिसर में लगे झंडा पोल के बेस को भी नुकसान पहुंचा है।

रात में पहुंचा हाथी, विश्रामगृह को बनाया निशाना

बताया जा रहा है कि हाथी रात के समय आमामोरा ओढ़ क्षेत्र में पहुंचा और वन विभाग के विश्रामगृह परिसर में घुस गया। इसके बाद उसने वहां मौजूद सामान और भवन के हिस्सों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। हाथी के हमले से विश्रामगृह के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

आमामोरा ओढ़ जंगल और प्राकृतिक सुंदरता के कारण क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां गरियाबंद, रायपुर समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग पिकनिक और पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में हाथियों की मौजूदगी ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

हाथियों की आमद के बाद पर्यटकों पर रोक

हाथियों की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग भी सतर्क हो गया है। पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल लोगों को आमामोरा ओढ़ जाने से रोका जा रहा है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों एवं पर्यटकों को जंगल क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश नहीं करने की समझाइश दी जा रही है।

पर्यटन स्थल पर मंडरा रहा हाथियों का खतरा

आमामोरा ओढ़ की पहचान जिले के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में होती है, लेकिन जंगली हाथियों की दस्तक ने अब यहां सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। वन विश्रामगृह में हुई तोड़फोड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हाथी किस तरह भवन तक पहुंचकर काफी नुकसान पहुंचा सकता है। गनीमत रही कि घटना के दौरान विश्रामगृह में कोई पर्यटक या कर्मचारी मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने तथा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल आमामोरा ओढ़ में हाथी के उत्पात के बाद क्षेत्र में खौफ और सतर्कता दोनों बढ़ गई है।

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