ग्रामीण भारत का आधार बनेगा ‘विबी-ज़ी राम-ज़ी योजना’ — खोमन चंद्राकर

नया कानून, नया दृष्टिकोण: सिर्फ नाम नहीं, पूरा ढांचा बदला
छुरा:- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदले जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर तीखा हमला बोलते हुए छुरा भाजपा मंडल अध्यक्ष खोमन चंद्राकर ने इसे “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का हर निर्णय ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में है—यह बदलाव सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि कानून, काम और सोच—तीनों का है।
खोमन चंद्राकर ने कहा कि ‘विबी-ज़ी राम-ज़ी योजना’ ग्रामीण रोजगार को सीमित 100 दिनों की मजदूरी से आगे बढ़ाकर समग्र ग्रामीण विकास, आजीविका सृजन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ती है। “पहले जहां 100 दिन का काम मिलता था, वहीं अब भाजपा सरकार ने इसे 125 दिन कर दिया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय-सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को ठोस मजबूती मिलेगी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गारंटी उन ग्रामीण परिवारों को मिलेगी जिनके वयस्क सदस्य अकुशल कार्य करना चाहते हैं। बढ़ी हुई कार्य-अवधि से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ विकास को गति मिलेगी।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा, “कांग्रेस का काम अब सिर्फ विरोध रह गया है। विकास के हर कदम पर उन्हें आपत्ति है। समझ में नहीं आता कि राम-जी के नाम से कांग्रेस को इतनी परेशानी क्यों है।”
खोमन चंद्राकर ने कहा कि नया कानून आधुनिक कानूनी ढांचे पर आधारित है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम-उन्मुख कार्यों को प्राथमिकता देता है। “यह योजना ग्रामीण भारत की रीढ़ बनेगी—सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि स्थायी विकास का रास्ता खोलेगी,” उन्होंने जोर देकर कहा।
उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा सरकार गांव, गरीब और किसान के साथ खड़ी है और ‘विबी-ज़ी राम-ज़ी योजना’ के माध्यम से ग्रामीण भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
