गरियाबंद में विकास की रफ्तार पर सख्त नजर — प्रभारी सचिव आर. संगीता का बड़ा एक्शन! “लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर योजना जमीन पर दिखनी चाहिए”

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी

गरियाबंद :- जिले में विकास कार्यों और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर आज जिला प्रशासन में हलचल तेज रही, जब जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने जिला कार्यालय सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि योजनाओं में ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और हर योजना का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचना अनिवार्य है।

बैठक में कलेक्टर बी.एस. उइके ने जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, वनमंडलाधिकारी शशिगानंदन के., जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना पर सख्ती

प्रभारी सचिव ने दो टूक कहा कि जिन अधिकारियों की रुचि कार्यों में नहीं है, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किया जाए। पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द आवास का लाभ दिलाने के लिए ग्रामवार सूची तैयार कर तहसीलदारों को भेजने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए सब इंजीनियरों को गांव-गांव भेजने के निर्देश दिए गए।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका पर फोकस

राष्ट्रीय आजीविका मिशन और लखपति दीदी योजना की समीक्षा में सामने आया कि जिले के 1.04 लाख से अधिक परिवार 9571 स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं और उन्हें 119 करोड़ से अधिक का वित्तीय सहयोग मिला है। सचिव ने निर्देश दिया कि महिलाओं के कौशल को बढ़ावा देकर उनकी आय में और वृद्धि सुनिश्चित की जाए।

महिला एवं बाल विकास विभाग को फटकार

गलत आंकड़े प्रस्तुत करने पर सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल संशोधित व सही जानकारी देने के निर्देश दिए। कुपोषण, आंगनबाड़ी, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सख्त निर्देश

जन्म दर, मृत्यु दर, टीकाकरण, टीबी, सिकल सेल और आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा— सभी गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो

पीवीटीजी समुदाय के सभी पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनें

शिक्षा विभाग को अलर्ट मोड में लाया

स्कूलों में गणवेश, किताबें और अपार आईडी को लेकर सख्ती दिखाई गई। निर्देश दिए गए कि— ✔️ हर बच्चे का अपार आईडी बने
✔️ स्कूलों का नियमित निरीक्षण हो
✔️ शिक्षा हर बच्चे तक अनिवार्य रूप से पहुंचे

जल जीवन मिशन: हर घर जल का लक्ष्य

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी स्वीकृत कार्य समय सीमा में पूरे हों और हर घर तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सुपेबेड़ा गांव में स्वास्थ्य जांच लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।

छात्रावासों में सुरक्षा पर कड़ा रुख

आदिवासी छात्रावासों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

वन, नगरीय और अन्य विभागों को भी सख्त संदेश

वन विभाग को जंगलों में आग पर तत्काल नियंत्रण, नगरीय निकायों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सुधारने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए।

“काम में लापरवाही नहीं चलेगी”

प्रभारी सचिव ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य आमजन, किसानों और जरूरतमंदों को पारदर्शी और त्वरित लाभ देना है। सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

कुल मिलाकर, इस हाई-लेवल बैठक ने साफ कर दिया है कि अब गरियाबंद में काम केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर नजर आएगा। प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।

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