सी.ई.ओ. के समर्थन में सरपंच, सचिव व कर्मचारी संघ एकजुट,

कहा– आरोप निराधार, कार्यप्रणाली पूरी तरह संतोषजनक

छुरा :- जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतीश चंद्रवंशी के विरुद्ध जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी द्वारा लगाए गए आरोपों के विरोध में सरपंच संघ, सचिव संघ एवं जनपद कर्मचारी संघ खुलकर सामने आ गए हैं। सभी संगठनों ने एक स्वर में उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार, भ्रामक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।
संयुक्त रूप से जारी बयान में सरपंच, सचिव एवं कर्मचारी संघ ने कहा कि जनपद उपाध्यक्ष द्वारा सार्वजनिक मंचों व सोशल मीडिया पर की गई बयानबाजी में अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है, जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं। संगठनों ने स्पष्ट किया कि सी.ई.ओ. सतीश चंद्रवंशी द्वारा जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों के साथ समान, पारदर्शी और नियमसम्मत व्यवहार किया जाता है तथा जनपद पंचायत का प्रत्येक कार्य शासन की गाइडलाइन के अनुरूप संचालित हो रहा है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष पन्नालाल ध्रुव ने उपाध्यक्ष के बयान को अनैतिक और भ्रामक करार देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में सरपंचों के साथ मिलकर आंदोलन करने की बात पूरी तरह असत्य है। सरपंच संघ का किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है और सी.ई.ओ. का कार्य पूरी तरह संतोषजनक है।
वहीं सचिव संघ के छुरा ब्लॉक अध्यक्ष चेतन सोनकर ने उपाध्यक्ष के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों पर बिना तथ्य जाने धौंस जमाना और अपमानजनक व्यवहार करना उनके आचरण का हिस्सा बन गया है। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी को जनपद उपाध्यक्ष ग्राम पंचायत कुटेना पहुंचे थे, जहां पंचायत सचिव आवास निर्माण के निरीक्षण में गए हुए थे। इस दौरान सचिव की अनुपस्थिति को लेकर बिना पक्ष जाने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना नैतिकता के विपरीत और मानसिक प्रताड़ना की श्रेणी में आता है।
सचिव संघ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी के कार्य को लेकर आपत्ति थी तो उसकी विधिवत लिखित शिकायत जनपद कार्यालय में दी जानी चाहिए थी, जिससे जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई होती। इस तरह सार्वजनिक रूप से किसी कर्मचारी की छवि धूमिल करना पूरी तरह अनुचित है, जिसकी संघ कड़ी निंदा करता है।
इस पूरे मामले पर सी.ई.ओ. सतीश चंद्रवंशी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनपद उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खर्च की गई प्रत्येक राशि जनपद संचालन एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु नियमानुसार की गई है।
सी.ई.ओ. ने यह भी आरोप लगाया कि जनपद उपाध्यक्ष द्वारा कर्मचारियों पर बिना दस्तावेज के राशन कार्ड बनाने, निर्माण शाखा में इंजीनियरों पर अनुचित दबाव डालने जैसे कार्यों के लिए लगातार दबाव बनाया जाता रहा है, जिसका समस्त जनपद स्टाफ विरोध करता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर साहब को आवेदन सौंपकर न्यायोचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।
फिलहाल जनपद उपाध्यक्ष और सी.ई.ओ. के बीच चल रहे इस विवाद ने जनपद पंचायत छुरा की राजनीति में उफान ला दिया है। मामले में दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
