चंद सिक्कों के लिए मौत से खेल! होली से पहले छुरा–फिंगेश्वर मार्ग पर बच्चों की जानलेवा चंदा वसूली, प्रशासन कब जागेगा?

छुरा :- होली के रंगों से पहले छुरा क्षेत्र और छुरा–फिंगेश्वर मुख्य मार्ग पर एक खौफनाक तस्वीर सामने आ रही है। त्योहार के नाम पर मासूम बच्चे सड़क के दोनों ओर रस्सी बांधकर बीच मार्ग में खड़े हो रहे हैं और गुजरते वाहनों को जबरन रोककर चंदा वसूल रहे हैं। यह नजारा किसी भी जिम्मेदार समाज के लिए शर्मनाक और चिंताजनक है।
तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह सड़क पर उतरकर खड़ा होना सीधे-सीधे मौत को दावत देना है। जरा सी चूक, एक सेकेंड की ब्रेक फेल या संतुलन बिगड़ते ही बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि चंद सिक्कों के लिए आखिर बच्चों को इस तरह जान जोखिम में डालने की इजाजत किसने दी?
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि गांव के जिम्मेदार लोग, अभिभावक और तथाकथित समझदार बुजुर्ग यह सब अपनी आंखों से देख रहे हैं, लेकिन कोई आगे बढ़कर रोकने को तैयार नहीं। क्या उन्हें अंदाजा नहीं कि किसी एक दुर्घटना से पूरा गांव शोक में डूब सकता है?
त्योहार के नाम पर इस तरह मुख्य मार्ग को बंधक बनाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। बाहर से आने-जाने वाले वाहन चालक भी दहशत में हैं कि कहीं अचानक रस्सी सामने न आ जाए और हादसा न हो जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन और पुलिस से है—
क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद कार्रवाई होगी?
क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है?
जनता ने मांग की है कि मुख्य मार्गों पर तत्काल गश्त बढ़ाई जाए, इस तरह की अवैध वसूली पर सख्त रोक लगे और अभिभावकों को स्पष्ट चेतावनी दी जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
होली खुशियों का पर्व है, लेकिन अगर यही लापरवाही जारी रही तो रंगों की जगह सड़क पर खून भी बह सकता है। प्रशासन को अब चेतना होगा—वरना आने वाला हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे समाज को झकझोर देगा।

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