सांसद खेल महोत्सव में हाहाकार! छुरा के 40 खिलाड़ी सुबह 6 बजे से ठंड में ठिठुरते रहे – 11 :30 बजे तक गाड़ी नहीं, अधिकारी गायब!!

छुरा :- सांसद खेल महोत्सव जैसे बड़े आयोजन की पोल शनिवार को छुरा में ऐसे खुली कि लोग दांतों तले उंगली दबा लें। खिलाड़ी छात्रों को गरियाबंद भेजने की जिम्मेदारी लेने वालों ने ऐसी लापरवाही दिखाई कि छात्र सुबह से लेकर दोपहर तक बस स्टैंड में खड़े-खड़े थक गए, लेकिन गाड़ी तक नसीब नहीं हुई।

सुबह 6 बजे पहुँच गए थे छात्र…
10 बजे खेल शुरू…
11 :30 बज गया, पर गाड़ी तक नहीं आई!

छुरा ब्लाक के करीब 40 खिलाड़ी छात्र सुबह-सुबह बस स्टैंड पहुँचे थे, ताकि समय पर जिला मुख्यालय गरियाबंद में आयोजित खेल महोत्सव में हिस्सा ले सकें। लेकिन यहां छात्रों को मिला सिर्फ इंतजार… इंतजार… और सिर्फ इंतजार!

जिन्हें व्यवस्था करनी थी, वो खुद गायब!
नोडल अधिकारी एन.सी. साहू, प्राचार्य हायर सेकेंडरी स्कूल छुरा – पूरे समय न तो मौके पर दिखे, न ही छात्रों को कोई सूचना दी।

छात्र परेशान होकर इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन व्यवस्था नाम की चीज़ कहीं नहीं थी।

जब फोन पर उनसे जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव करते ही “रिकॉर्डिंग बंद करो!” कहकर फोन काट दिया।
दोबारा कॉल हुआ तो किसी और ने फोन उठाकर कहा – “सर प्राइवेट स्कूल की जांच में गए हैं।”
बस क्यों नहीं आई पूछने पर आरटीओ वालों का बहाना ठोक दिया गया।

मतलब साफ —
जिम्मेदारी जीरो… जवाबदारी जीरो… और बहाने 100%।

छात्रों का कहना है –
“हम सुबह 6 बजे से खड़े हैं, खेल 10 बजे से शुरू होना था, 11 बज गया लेकिन ले जाने कोई आया ही नहीं… आखिर हम जाएं तो जाएं कैसे?”

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सांसद खेल महोत्सव की तैयारी यही है, तो भला खिलाड़ी आगे कैसे बढ़ेंगे?
ऐसी अव्यवस्था ने पूरे आयोजन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

कुल मिलाकर – अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा, और खेल महोत्सव का “शानदार प्रबंधन” धड़ाम से जमीन पर गिर गया।

मुख्य खबरें