राजस्व और वन क्षेत्रो मे बीना अनुमति पेड़ो की धड़ल्ले से कटाई कार्यवाही शून्य,ईट पकाने काटे जा रहे है पेड जवाबदारों ने साध ली है चुप्पी, कार्यवाही करने निकली थी राजस्व टीम पर कार्यवाही नहीं हुई सार्वजनिक

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
छुरा :- गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड मे इन दिनों राजस्व और वन क्षेत्र मे नियम को ताक मे रखकर खुलेआम पेड़ो की अवैध कटाई चल रही है और जिनके उपर इस अवैध कार्य को रोकने की जिम्मेदारी है उन्होंने चुप्पी साध रखी है जिसके चलते हर गांव मे हर तरफ खेतो मे पेडो की ठुठ नजर आ रही है ज्यादातर पेड़ो की बली या तो खेत बनाने के लिये काटा जा रहा है या फिर ईट पकाने के लिये काटा जा रहा है जिसकी जानकारी आम जनता और पत्रकारो को तो है लेकिन राजस्व विभाग के कर्मचारी अधिकारी को क्यु नहीं है यह समझ से परे है जबकि राजस्व विभाग के पटवारी हर गांव मे घूमते रहते है इसके बावजूद उन्हें इन अवैध कटाई का पता नहीं चलता यह समझ से परे है बुधवार को पत्रकार ज़ब ग्राम चरौदा, और पटपरपाली क्षेत्र की तरफ गये तो उन्हें ऐसे सैंकड़ो अवैध ईट भट्टे नजर आये जहां ईट पकाने बड़ी मात्रा मे लकड़ी काट कर रखे हुए थे ज़ब पत्रकारों ने ईट निर्माणकर्ताओ से सवाल किया तो उन्होंने सीधे दो टुक मे जवाब दिया की सब लकड़ी उनके अपने खेत से काटे गये है उन्होंने कोई चोरी नहीं की है अब उन्हें कौन समझाये की राजस्व एरिया की जमीन या खेत से बीना अनुमति पेडो की कटाई कानूनन अपराध है
हालांकि समाचार प्रकाशन के बाद पिछले दिनों राजस्व विभाग छुरा तहसीलदार की टीम अवैध ईट भट्टो पर कार्यवाही करने निकली थी लेकिन क्या कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के कारण क्या कार्यवाही की गई पता नहीं चला अगर कार्यवाही को सार्वजनिक किया जाता तो ईट भट्टो के लिये अवैध कटाई करने वाले अवैध कटाई करने के पहले सोचते और पेड़ की अवैध कटाई पर लगाम लगता,
बीना अनुमति पेड काटने पर आइये जानते है क्या कार्यवाही हो सकती है और कौन कार्यवाही करेगा!
अगर कोई राजस्व भूमि (सरकारी जमीन) पर बिना अनुमति के पेड़ काटता है तो उस पर क्या कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है और कार्यवाही कौन करेगा ।
1. क्या कार्यवाही होती है
पेड़ काटने वाले पर जुर्माना (फाइ न) लगाया जा सकता है।
गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मामला भी बनाया जा सकता है।
नुकसान के अनुसार क्षतिपूर्ति (पैसे की वसूली) भी की जाती है।
कुछ मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।
2. कार्यवाही किस कानून के तहत
आम तौर पर कार्यवाही इन नियमों के तहत होती है:
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959
भारतीय वन अधिनियम 1927 (यदि वन क्षेत्र से जुड़ा मामला हो)
3. कार्यवाही करने का अधिकार किसको है
4 इन अधिकारियों को कार्रवाई का अधिकार होता है:
तहसीलदार,नायब तहसीलदार,
राजस्व निरीक्षक (RI)
पटवारी (रिपोर्ट बनाता है)
जरूरत पड़ने पर पुलिस भी एफआईआर दर्ज कर सकती
