नेशनल हाईवे-130 पर मौत बनकर गिरा विशाल साल का पेड़, घंटों थमा यातायात; 40 लोगों की मशक्कत और ट्रैक्टर से खुला रास्ता, बारिश में जर्जर पेड़ बने जानलेवा खतरा”

धवलपुर-गौरघाट के बीच लगा वाहनों का लंबा जाम, 40 लोगों ने मिलकर हटाया पेड़; नेशनल हाईवे पर खड़े जर्जर पेड़ों से मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा
गरियाबंद। गरियाबंद-देवभोग नेशनल हाईवे-130 पर शनिवार रात धवलपुर और गौरघाट के बीच एक विशाल साल का पेड़ अचानक सड़क पर गिर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और सैकड़ों यात्री बीच रास्ते में फंस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर पेड़ गिरते ही करीब 30 से 40 लोगों ने मिलकर पेड़ को हटाने का प्रयास किया, लेकिन उसका आकार इतना बड़ा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिली। बाद में एक ट्रैक्टर की मदद से पेड़ को धक्का देकर सड़क से हटाया गया। काफी मशक्कत के बाद यातायात बहाल हो सका और लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के दौरान हाईवे पर कई यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे।
रात का समय होने और घने जंगल का इलाका होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यदि उसी समय कोई तेज रफ्तार वाहन वहां पहुंच जाता, तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
बारिश में मौत का जाल बने सड़क किनारे खड़े पेड़
गरियाबंद से धुरवागुड़ी तक नेशनल हाईवे-130 के दोनों ओर बड़ी संख्या में पुराने और विशाल पेड़ खड़े हैं। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण इनमें से कई पेड़ कमजोर हो चुके हैं। ऐसे पेड़ कभी भी गिर सकते हैं और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई बार पेड़ गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। हर बारिश में वाहन चालकों और यात्रियों को भय के साये में सफर करना पड़ता है।
वन विभाग और नेशनल हाईवे प्राधिकरण से कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने वन विभाग और नेशनल हाईवे प्राधिकरण से मांग की है कि हाईवे किनारे खड़े जर्जर एवं खतरा बन चुके पेड़ों का तत्काल सर्वे कराया जाए। जो पेड़ दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, उन्हें नियमानुसार चिन्हित कर सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
