भीषण गर्मी में जल संकट से जूझता महासमुंद, वार्ड 28 में पार्षद विजय साव बने “जल-योद्धा” 

 


महासमुंद:-शहर में जैसे-जैसे गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू किए हैं, वैसे-वैसे जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। खासकर वार्ड क्रमांक 28 के हालात चिंताजनक हो चुके हैं, जहां नलों ने जवाब दे दिया है और हैंडपंप सूखकर “हवा” उगल रहे हैं। चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाली लू के बीच आमजन को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

गर्मी बनी संकट की जड़

इस साल गर्मी की शुरुआत में ही तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार पकड़ी है। लगातार गिरते भू-जल स्तर और सूखते जल स्रोतों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। नगर पालिका की पाइपलाइन व्यवस्था भी लो-प्रेशर की समस्या से जूझ रही है, जिससे सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है।

पार्षद विजय साव ने संभाली मोर्चा

ऐसे मुश्किल वक्त में वार्ड 28 के पार्षद विजय साव ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से समन्वय कर टैंकरों की व्यवस्था कराई और खुद मैदान में उतरकर हर गली-मोहल्ले में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।
वे लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि हर घर तक पानी पहुंचे और कोई भी परिवार प्यासा न रहे।

पार्षद का संकल्प

पार्षद विजय साव ने स्पष्ट कहा—
“इस भीषण गर्मी में पानी की हर बूंद अनमोल है। मेरी प्राथमिकता है कि किसी भी घर में पीने के पानी की कमी न हो। जब तक पाइपलाइन व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती, तब तक टैंकरों के जरिए जलापूर्ति जारी रहेगी।”

जनता ने जताया आभार

वार्डवासियों ने पार्षद की इस पहल की खुलकर सराहना की है। तपती गर्मी में जहां लोग पानी के लिए परेशान थे, वहीं इस त्वरित व्यवस्था ने उन्हें बड़ी राहत दी है।

प्रशासन के लिए चेतावनी

हालांकि यह राहत अस्थायी है, लेकिन सवाल यह उठता है कि हर साल गर्मी आते ही जल संकट क्यों गहराता है? क्या नगर पालिका इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगी या फिर हर बार टैंकरों के सहारे ही जनता को राहत मिलती रहेगी?

फिलहाल, वार्ड 28 में पार्षद विजय साव की सक्रियता ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनप्रतिनिधि ठान लें, तो संकट के बीच भी राहत का रास्ता निकाला जा सकता है।

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