उर्वरक दुकानों पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अनियमितताओं पर गिरी गाज – कई केंद्र सील, नोटिस जारी,बिना POS मशीन बिक्री, स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी पर सख्त कदम, किसानों के हित में विभाग का सख्त रुख

रिपोर्टर – अनीश सोलंकी
गरियाबंद:– जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई खाद दुकानों पर छापामार निरीक्षण किया। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक कृषि के नेतृत्व में की गई, जिससे जिले के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
06 अप्रैल 2026 को विकासखंड फिंगेश्वर एवं गरियाबंद क्षेत्र के विभिन्न कृषि सेवा केंद्रों और खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में पाया गया कि कुछ दुकानों द्वारा बिना POS मशीन के ही खाद की बिक्री की जा रही थी। एक केंद्र पर तो 1672 बोरी यूरिया बिना बिल और पंजी में दर्ज किए बेची जा रही थी। वहीं कई स्थानों पर स्टॉक रजिस्टर, मूल्य सूची और बिक्री पंजी का संधारण नहीं किया गया था, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए विभाग ने संबंधित दुकानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निलंबन, केंद्र सील करने और 7 दिनों के भीतर जवाब-तलब नोटिस जारी किए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग द्वारा जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और हर हाल में पक्का बिल लें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूली की शिकायत तुरंत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9977106777, 9131198044 पर करें।
जिले में कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि अब उर्वरक कारोबार में लापरवाही और गड़बड़ी करने वालों पर सीधा प्रहार होगा। इससे जहां किसानों को राहत मिलेगी, वहीं बाजार में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
