नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने का अल्टीमेटम!” — 500 मीटर के दायरे में बिक्री पर बैन, प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी 

गरियाबंद :- जिले में बढ़ते नशे के जाल को तोड़ने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित एनकॉर्ड बैठक में साफ संकेत दे दिए कि अब नशा तस्करों के खिलाफ संयुक्त और निर्णायक कार्रवाई होगी।

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, इसके बढ़ते दुष्प्रभाव और युवाओं में फैलते जाल को लेकर गंभीर मंथन किया गया। प्रभारी सचिव ने पुलिस, राजस्व और आबकारी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाकर नशा कारोबार पर सीधा प्रहार करें।

उन्होंने कहा कि सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज को भी इस लड़ाई में शामिल करना जरूरी है। इसके लिए जागरूकता अभियान, सामुदायिक भागीदारी और नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से पीड़ितों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग नशे की गिरफ्त से बाहर आ सकें।

स्कूल-कॉलेज के आसपास सख्ती

प्रभारी सचिव ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इस नियम को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

युवाओं के लिए सकारात्मक पहल

बैठक में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्वास्थ्य जांच शिविर और काउंसलिंग सत्रों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर

पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे विशेष निगरानी टीमों का गठन कर संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग करें, ताकि अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
बैठक में कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर, वनमंडलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

साफ है गरियाबंद में अब नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति लागू होने जा रही है, और प्रशासन ने इसकी कमर कस ली है।

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