देवस्थल के सामने शराब दुकान पर बवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में लगाई गुहार,मुख्य मार्ग से महज 21 मीटर दूर शराब दुकान ,स्कूल जाने वाले बच्चों और धार्मिक भावनाओं का दिया हवाला

संवाददाता – अनीश सोलंकी

गरियाबंद। जिले के ग्राम पंचायत खड़मा में देवस्थल के सामने संचालित विदेशी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में आवेदन सौंपकर शराब दुकान को तत्काल हटाने की मांग की। आवेदन में ग्रामीणों ने शराब दुकान की स्थिति को लेकर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित है, वह मुख्य मार्ग से महज 21 मीटर की दूरी पर स्थित है। आवेदन के अनुसार उक्त स्थान किसी प्रकार से कवर्ड कैंपस के भीतर भी नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी सड़क से स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित महिलाएं, पुरुष और बच्चे नियमित रूप से पैदल आवागमन करते हैं।

देवस्थल के सामने दुकान, धार्मिक भावनाओं का हवाला

ग्रामीणों ने आवेदन में खड़मा के आश्रित ग्राम कुरेकड़ा का उल्लेख करते हुए कहा है कि संबंधित क्षेत्र में खड़गदेव एवं बघारादेव प्रमुख देवस्थल हैं, जहां नियमित रूप से पूजा-पाठ होता है। उनका आरोप है कि देवस्थल के समीप शराब दुकान संचालित होने से ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो रही हैं।.

आवेदन में आबकारी विभाग द्वारा ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किए जाने के संबंध में किए गए कथित अभिमत को भी चुनौती दी गई है। ग्रामीणों ने इसे गलत बताते हुए संबंधित प्रस्ताव को निरस्त किए जाने की मांग की है।

स्कूली बच्चों के आवागमन पर जताई चिंता

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि शराब दुकान के कारण आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। आवेदन में कहा गया है कि शराब खरीदने वाले लोग सड़क किनारे शराब का सेवन करते हैं, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं समेत आम राहगीरों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के आवागमन वाले मार्ग पर शराब दुकान का संचालन उचित नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने अथवा तत्काल हटाने की मांग की है।

कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग.

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराते हुए खड़मा में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि मामले को केवल शराब दुकान के संचालन के रूप में नहीं, बल्कि सार्वजनिक आवागमन, स्कूली बच्चों और धार्मिक स्थल से जुड़े ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए।

अब ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग क्या कार्रवाई करता है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।

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