वनों को आग से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई – डीएफओ ससीगानंधन अग्नि सीजन में गरियाबंद वनमंडल अलर्ट मोड पर, दोषियों पर सीधे कानूनी शिकंजा

गरियाबंद :-आगामी अग्नि सीजन को लेकर गरियाबंद वनमंडल ने स्पष्ट कर दिया है कि अब चेतावनी नहीं, सीधे कार्रवाई होगी। वनों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में गरियाबंद वनमंडल द्वारा वनाग्नि सुरक्षा विषय पर सख्त प्रशासनिक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वनमंडलाधिकारी श्री ससीगानंधन ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित संस्थाओं को स्पष्ट संदेश दिया।
कार्यशाला में उप वनमंडलाधिकारी देवभोग मनोज चंद्राकर, उप प्रबंध संचालक गरियाबंद नदीम कृष्ण बरिहा द्वारा वनाग्नि की रोकथाम, नियंत्रण एवं त्वरित कार्रवाई को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। वन क्षेत्रों में आग लगने के कारणों, उससे होने वाली गंभीर क्षति और लापरवाही के दुष्परिणामों को उदाहरण सहित समझाया गया।

“अब कोई बहाना नहीं चलेगा” – डीएफओ

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डीएफओ ससीगानंधन ने सख्त लहजे में कहा—

“जंगलों को आग से बचाना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या बहानेबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी चाहे कोई भी हो, उस पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर यह स्पष्ट चेतावनी दी जाए कि वनाग्नि एक गंभीर अपराध है। किसी भी आग की सूचना छिपाना, देर करना या नजरअंदाज करना सीधे दंडनीय श्रेणी में आएगा। ग्रीष्मकाल में जंगलों के आसपास आग से जुड़े किसी भी कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
16 फरवरी से 15 जून तक हाई अलर्ट, चूक पर जवाबदेही तय
डीएफओ ने बताया कि अग्नि सीजन 16 फरवरी से 15 जून 2026 तक रहेगा, इस दौरान पूरा वनमंडल हाई अलर्ट मोड में रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि—
15 फरवरी से पहले फायर लाइनों की कटाई, सफाई व नियंत्रित जलाई हर हाल में पूरी हो
अग्नि रक्षक तैनाती में कोताही मिली तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे
एफएसआई से प्राप्त नियर रियल टाइम फायर अलर्ट पर तत्काल मौके पर पहुंचना अनिवार्य होगा
वन समितियों की मासिक बैठकों में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा नहीं हुई तो कार्रवाई तय है

जानबूझकर आग लगाने वालों पर सख्त कानूनी प्रहार

डीएफओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जानबूझकर आग लगाने, शिकार या अवैध कटाई छिपाने वालों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर संरक्षण देने वालों को भी सह-अभियुक्त बनाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण एवं फड़ो क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर करारनामा तत्काल निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लघु वनोपज संग्रहण में जरा-सी चूक भी अपराध मानी जाएगी
इस अवसर पर उप प्रबंध संचालक ने चेतावनी देते हुए कहा कि लघु वनोपज संग्रहण के दौरान थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर वनाग्नि का रूप ले सकती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि—
“संग्रहण के दौरान आग लगाना या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना सीधे अपराध की श्रेणी में आएगा।”
300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिकों को सख्त संदेश
कार्यशाला में गरियाबंद वनमंडल के सभी 9 वनपरिक्षेत्रों के अधिकारी,
लगभग 100 कर्मचारी,
70 लघु वनोपज प्रबंधक
तथा करीब 200 सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।
सभी को स्पष्ट रूप से बताया गया कि अब चेतावनी का दौर समाप्त हो चुका है, अग्नि सीजन में केवल परिणाम दिखाई देंगे।

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