जमीन विवाद में अपनों ने निकाला बाहर, 80 वर्षीय बुजुर्ग भूख हड़ताल पर बैठा, न्याय की लगाई गुहार”

गरियाबंद :- परिवार में संपत्ति को लेकर हुए विवाद के चलते 80 वर्षीय बुजुर्ग अहमद बेग को उनके ही बेटे ने घर से निकाल दिया। इस अन्याय के खिलाफ वे अपने परिजनों के साथ गरियाबंद कलेक्टर कार्यालय के सामने आमरण भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। बुजुर्ग ने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें उनके अधिकार की भूमि लौटाई जाए और न्याय दिलाया जाए।

हड़ताल स्थल पर लगाए गए बैनर में लिखा है – “मेरी संपत्ति से मुझे बाहर किया गया है, मैं 80 वर्ष का बुजुर्ग हूं, मुझे न्याय दिया जाए।”

बुजुर्ग अहमद बेग का आरोप है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से जो जमीन अर्जित की थी कई वर्षो तक वहा स्कुल वाले का कब्जा था स्कुल को हटाने कई वर्षो तक बुजुर्ग मे तहसील, एस. डी. एम. और कलेक्टर कार्यालय का चक्कर लगाया जिसके बाद स्कुल खाली हुआ लेकिन फिर उनके ही बड़े बेटे ने वहा ताला तोड़कर कब्जा जमा लिया अब फिर 80 वर्षीय बुजुर्ग न्याय की उम्मीद लेकर वे अपने बड़ी बेटी छोटा बेटा, और बहु के साथ खुले आसमान के नीचे बैठकर प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग कर रहा है

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार,अहमद बेग द्वारा कई बार तहसील कार्यालय और एसडीएम मैनपुर को आवेदन देकर अपनी पीड़ा बताई गई, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। अंततः निराश होकर उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता चुना है। एसडीएम कार्यालय से संबंधित दस्तावेज़ों में भी इस विवाद का उल्लेख किया गया है, जिसमें बताया गया है कि भूमि सर्वे और सीमांकन को लेकर प्रक्रिया अधूरी है।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का भी कहना है कि ऐसे गंभीर पारिवारिक मामलों में वरिष्ठ नागरिकों की बात सुनी जानी चाहिए और उन्हें त्वरित न्याय मिलना चाहिए।

यदि प्रशासन जल्द सुनवाई नहीं करता, तो बुजुर्ग की हालत बिगड़ सकती है।
स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे संवेदनशीलता दिखाते हुए वृद्ध की स्थिति को समझें और यथाशीघ्र न्याय सुनिश्चित करें।

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