अटल जी प्रधानमंत्री नहीं होते तो छत्तीसगढ़ का उदय नहीं होता, रमन सिंह मुख्यमंत्री नहीं होते तो गरियाबंद जिला नहीं बनता : मुरलीधर सिन्हा

भाजपा जिला कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सिन्हा ने गिनाईं अटल-रमन सरकार की उपलब्धियां

गरियाबंद। भारतरत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा जिला कार्यालय गरियाबंद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहसंयोजक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरलीधर सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेयी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर मुरलीधर सिन्हा ने कहा कि “यदि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री नहीं होते तो छत्तीसगढ़ राज्य का उदय नहीं होता और यदि डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री नहीं होते तो गरियाबंद जिला नहीं बनता।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए वर्षों तक संघर्ष और आंदोलन हुए, लेकिन निर्णायक पहल तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने की।
सिन्हा ने कहा कि संत कवि पवन दीवान ने पृथक छत्तीसगढ़ के लिए संगठन बनाकर आंदोलन चलाया और महासमुंद लोकसभा सांसद रहते हुए भी छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की मांग को मजबूती से उठाया। वर्ष 1998 में भी छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठाया गया था। भाजपा सांसदों ने इसका समर्थन किया, लेकिन केंद्र की सरकार अल्पमत में आने के बाद गिर गई और मध्यावधि चुनाव की स्थिति बनी।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रायपुर के सप्रे शाला मैदान में आयोजित आमसभा में छत्तीसगढ़ की जनता और भाजपा नेताओं से आह्वान किया था कि यदि प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में से 11 सीटें भाजपा की झोली में आती हैं तो छत्तीसगढ़ राज्य दिया जाएगा। चुनाव में भाजपा ने 11 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद केंद्र में भाजपा गठबंधन की सरकार बनी और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ देश के मानचित्र पर एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। सिन्हा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़वासियों के लिए ऐतिहासिक और स्वर्णिम दिन था। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार होना मुश्किल था।
“चावल वाले बाबा” के कार्यकाल में बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर
मुरलीधर सिन्हा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और युवाओं के हित में अनेक योजनाओं को जमीन पर उतारा गया।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए धान खरीदी और भुगतान की व्यवस्था मजबूत की गई तथा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर में बड़ी राहत दी गई। गरीब परिवारों को रियायती दर पर चावल और नमक उपलब्ध कराने की योजना ने प्रदेश की गरीब जनता को बड़ी राहत दी। इसी कारण डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में “चावल वाले बाबा” के नाम से पहचान मिली।
15 अगस्त 2011 को मिला गरियाबंद को जिले का तोहफा
सिन्हा ने कहा कि गरियाबंद को जिला बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। इसके लिए पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी आंदोलन और धरना-प्रदर्शन हुए। वर्ष 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश में जिला पुनर्गठन के लिए सिंहदेव समिति का गठन हुआ था। इसके बाद धमतरी और महासमुंद जिले अस्तित्व में आए, लेकिन गरियाबंद को जिला बनाने की मांग पूरी नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2011 का दिन गरियाबंद के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में एक साथ नौ नए जिलों के गठन की घोषणा की और गरियाबंद को भी जिले का दर्जा मिला।
सिन्हा ने कहा कि गरियाबंद जिले का गठन क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक इच्छाशक्ति से यह मांग पूरी हो सकी।
उन्होंने कहा कि “अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का सपना साकार किया और डॉ. रमन सिंह ने गरियाबंद को जिले की पहचान दी। इसलिए छत्तीसगढ़ और गरियाबंद की विकास यात्रा में दोनों नेताओं का योगदान ऐतिहासिक है।”
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री चन्द्रशेखर साहू, नगरपालिका परिषद गरियाबंद अध्यक्ष रिखीराम यादव, भाजपा जिला प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष पारस ठाकुर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती लालिमा पारस ठाकुर, नगरपालिका परिषद गरियाबंद उपाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ मेमन, भाजपा जिला मंत्री सुरेन्द्र सोनटेके, पूर्व मंडल अध्यक्ष अनूप भोसले, गरियाबंद मंडल अध्यक्ष सुमीत पारख, बिन्द्रानवागढ़ मंडल अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा, मंडल महामंत्री प्रह्लाद सिंह ठाकुर, धनंजय नेताम, मंडल मीडिया प्रभारी बिन्द्रानवागढ़ पुरुषोत्तम ध्रुव, प्रशान्त मानिकपुरी, शेषनारायण गजभिए, भीम साहू, मुकेश सिन्हा, बेदराम निषाद सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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