ओडिशा सीमा से लगे जंगल में अवैध जुताई करते ट्रैक्टर पर वन विभाग का शिकंजा, मौके से जब्त वाहन, मचा हड़कंप

गरियाबंद। जिले में आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जे और खेती की कोशिशों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि अब जंगल की एक-एक इंच जमीन पर प्रशासन की पैनी नजर है। शनिवार को ओडिशा सीमा से लगे आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से ट्रैक्टर चलाकर जुताई किए जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और जुताई में लगे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के बाद वन भूमि पर कब्जा करने की मंशा रखने वालों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के. के निर्देश तथा उप वनमंडलाधिकारी मनोज कुमार चंद्राकर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) अंतर्गत परिक्षेत्र सहायक वृत्त अमलीपदर के परिसर कोतराडोंगरी स्थित वन कक्ष क्रमांक 1004 आरएफ में विशेष अभियान चलाया गया। यह क्षेत्र ओडिशा सीमा से सटा हुआ संवेदनशील आरक्षित वन क्षेत्र है, जहां लंबे समय से वन भूमि पर अवैध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
वन अमले को सूचना मिली थी कि कुछ लोग आरक्षित वन भूमि को खेती योग्य बनाने के उद्देश्य से ट्रैक्टर से जुताई कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि जुताई में प्रयुक्त महिंद्रा युवो टेक + 405 डीआई ट्रैक्टर (क्रमांक CG-23-P-7628) को मौके से जब्त कर लिया गया। वन विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया।
वन विभाग ने जब्त ट्रैक्टर के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक POR No. 20964/04, दिनांक 04 जुलाई 2026 पंजीबद्ध कर लिया है। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा वन अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यदि जांच में वन भूमि पर कब्जे या अतिक्रमण का प्रयास सिद्ध होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
वन अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति जुताई, खेती, अतिक्रमण या किसी भी प्रकार की गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित है। जंगल की भूमि पर अवैध कब्जा केवल वन संपदा को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि जैव विविधता, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और पर्यावरण संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में आरक्षित वन क्षेत्रों में गश्त और निगरानी को और अधिक सख्त किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध जुताई, अतिक्रमण, पेड़ों की कटाई और अन्य वन अपराधों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल न हों तथा ऐसी जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
उक्त कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग) के नेतृत्व में वन विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा। अधिकारियों का कहना है कि वन अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आरक्षित वनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वन भूमि पर अवैध कब्जे की हर कोशिश को समय रहते विफल किया जा सके।

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