मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में बड़ा बवाल : स्व-सहायता समूह ने रसोइया को हटाने का पारित किया प्रस्ताव, ग्रामीणों ने बीईओ कार्यालय पहुंचकर की तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्राम डुमरडीह के ग्रामीणों का दावा— सर्वसम्मति से लिया गया फैसला, नए रसोइया के चयन का प्रस्ताव भी सौंपा; अब शिक्षा विभाग के निर्णय पर टिकी सबकी नजर

छुरा। विकासखंड छुरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुमरडीह के शासकीय प्राथमिक शाला में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विद्यालय में भोजन बनाने वाले रसोइया को हटाने की मांग अब प्रशासनिक दफ्तर तक पहुंच गई है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं घासीदास स्व-सहायता समूह के सदस्य विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय पहुंचे और वर्तमान रसोइया को हटाने के लिए सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव की सूचना अधिकारियों को सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि समूह की विधिवत बैठक आयोजित कर सभी सदस्यों की मौजूदगी में निर्णय लिया गया, जिसके बाद प्रस्ताव पारित कर प्रशासन को भेजा गया है। मामले के सामने आने के बाद अब पूरे क्षेत्र में इस विषय की चर्चा तेज हो गई है।

बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय

बीईओ कार्यालय में सौंपे गए आवेदन के अनुसार, घासीदास स्व-सहायता समूह की बैठक में वर्तमान रसोइया श्रीमती लालती बाई को हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके साथ ही समूह ने विद्यालय में मध्यान्ह भोजन संचालन के लिए श्रीमती अनीता मारकंडे को नए रसोइया के रूप में नियुक्त करने का भी प्रस्ताव पारित किया है।

ग्रामीणों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि समूह द्वारा लिया गया यह निर्णय सभी सदस्यों की सहमति से किया गया है तथा इसकी विधिवत कार्यवाही भी दर्ज की गई है।

दस्तावेजों के साथ सौंपा गया आवेदन

ग्रामीण केवल मौखिक शिकायत लेकर नहीं पहुंचे, बल्कि उन्होंने प्रशासन को पूरे मामले के दस्तावेज भी सौंपे। आवेदन के साथ समूह की बैठक का प्रस्ताव, कार्यवाही विवरण, नए रसोइया के चयन संबंधी प्रस्ताव, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक अभिलेख भी संलग्न किए गए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द आदेश जारी किया जाए।

ग्रामीणों का आरोप— विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि समूह की जिम्मेदारी बच्चों के हितों की रक्षा करना है और इसी भावना से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।

बीईओ कार्यालय में लगी ग्रामीणों की भीड़

मामले को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सीधे बीईओ कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। कार्यालय में काफी देर तक इस विषय को लेकर चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समूह द्वारा पारित प्रस्ताव पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो मध्यान्ह भोजन संचालन को लेकर अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अब शिक्षा विभाग के पाले में फैसला

रसोइया परिवर्तन का प्रस्ताव प्रशासन तक पहुंचने के बाद अब अंतिम निर्णय शिक्षा विभाग को लेना है। विभाग पहले प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करेगा, समूह की बैठक की वैधानिकता तथा शासन के निर्धारित नियमों का परीक्षण करेगा। इसके बाद ही रसोइया को हटाने अथवा नए रसोइया की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी किया जाएगा।
फिलहाल कुम्हरडीह के इस मामले ने शिक्षा विभाग में हलचल पैदा कर दी है। ग्रामीणों को अब इस बात का इंतजार है कि प्रशासन उनकी मांग पर कितनी जल्दी निर्णय लेता है और विद्यालय की मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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