स्कूल बसों पर गरजा प्रशासन का डंडा! 6 बसें नियम तोड़ते पकड़ी गईं, 7 नाबालिग छात्र वाहन चलाते मिले, पुलिस-आरटीओ की बड़ी संयुक्त कार्रवाई

 

फिटनेस खत्म, एक्सपायर अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों में लापरवाही उजागर, स्कूल प्रबंधन व पालकों को दी कड़ी चेतावनी, अभियान रहेगा लगातार जारी

गरियाबंद। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के स्पष्ट संदेश के साथ गरियाबंद पुलिस और परिवहन विभाग ने मंगलवार को निजी स्कूलों की बसों और सड़क पर वाहन चला रहे नाबालिग छात्रों के खिलाफ बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के विशेष निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में कई चौंकाने वाली लापरवाहियां सामने आईं। जांच के दौरान 18 स्कूल बसों की सघन जांच की गई, जिनमें से 6 बसें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती मिलीं। वहीं सड़क पर वाहन चलाते हुए 7 नाबालिग स्कूली छात्र भी पकड़े गए, जिन पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न मार्गों के साथ-साथ श्रद्धा पब्लिक स्कूल, द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल और एंग्लो एंजल्स पब्लिक स्कूल की बसों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा उपकरण, दस्तावेज और अन्य आवश्यक मानकों की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण में कई बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट समाप्त पाया गया, जबकि कुछ बसों में लगाए गए अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायर मिले। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इतनी गंभीर लापरवाही को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल संबंधित बसों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया।
अभियान के दौरान पुलिस की नजर उन नाबालिग छात्रों पर भी रही जो स्वयं दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आते-जाते मिले। ऐसे 7 नाबालिग वाहन चालकों को मौके पर रोककर उनके खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों को वाहन चलाने देना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ उनके जीवन के लिए भी बड़ा खतरा है।
कार्रवाई के बाद पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी निजी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि वे स्कूल बसों की फिटनेस, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का नियमित पालन सुनिश्चित करें। भविष्य में नियमों की अनदेखी पाए जाने पर और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अभिभावकों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि वे सुविधा के नाम पर अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए न दें। छोटी-सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गरियाबंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में भी निरंतर और सख्ती के साथ चलाया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन, वाहन चालक और अभिभावकों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कानूनी कार्रवाई की

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