त्योहारों में मिठाइयों की शुद्धता पर खाद्य विभाग का शिकंजा, दुकानों से कुंदा के नमूने जांच के लिए भेजे,,रियाबंद में मिठाई दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की दबिश,अखबारी कागज में समोसा-भजिया बेचा तो होगी परेशानी, सड़े-गले फलों और हानिकारक रंगों के इस्तेमाल पर भी विभाग सख्त

संवाददाता – अनीश सोलंकी 

गरियाबंद। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के त्योहारों के बीच मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गरियाबंद जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया है। कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के निर्देशानुसार विभाग द्वारा जिले के मिठाई दुकानों, फल विक्रेताओं और स्ट्रीट फूड कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है।

इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गरियाबंद स्थित मेसर्स भवानी बीकानेर स्वीट्स, मेसर्स गुजराती स्वीट्स, मेसर्स मधुबन स्वीट्स और मेसर्स डेली डिलाइट सहित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन पर ध्यान दिया गया। मिलावटी अथवा अवमानक खाद्य पदार्थ होने की आशंका के आधार पर भवानी बीकानेर स्वीट्स से कुंदा तथा गुजराती स्वीट्स से कुंदा के नमूने संकलित किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर भेजा गया है।

अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर नजर रहेगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, नमूनों की जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रतिष्ठान के खाद्य पदार्थों को मिलावटी या असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।

मिठाइयों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई

त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में मिठाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दूध, खोवा, घी, तेल, खाद्य रंग और अन्य सामग्री की गुणवत्ता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से अहम होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन कराने के साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों को मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण में अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल करने, स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसलिए दुकानदारों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।

बस स्टैंड के आसपास भी जांच, फल विक्रेताओं को सख्त निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग ने 14 और 15 अक्टूबर को गरियाबंद बस स्टैंड के आसपास स्थित फल विक्रेताओं और स्ट्रीट फूड वेंडरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कारोबारियों को सड़े-गले और खराब फलों का विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए। खराब गुणवत्ता वाले फल न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन भी कर सकते हैं।

निरीक्षण के दौरान समोसा, भजिया, मिर्ची भजिया और अन्य तली हुई खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं को भी खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों को परोसने अथवा पैक करने के लिए अखबारी कागज का इस्तेमाल न किया जाए। इसके स्थान पर खाद्य पदार्थों के लिए उपयुक्त और सुरक्षित सामग्री का उपयोग किया जाए।

जलेबी में अखाद्य रंग का इस्तेमाल न करें, खाद्य रंगों पर भी नजर

खाद्य पदार्थों में रंगों का इस्तेमाल भी विभाग की निगरानी के दायरे में है। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि खाद्य पदार्थों में अत्यधिक मात्रा में खाद्य रंगों का प्रयोग न करें। साथ ही अखाद्य रंग मेटेलिक यलो, जिसे जलेबी रंग के नाम से भी जाना जाता है, का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी गई।

त्योहारों के दौरान आकर्षक रंग और चमकदार दिखावट के नाम पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। विभाग ने कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य रंगों का उपयोग करने तथा निर्माण और बिक्री के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा मामला, आगे भी जारी रहेगी निगरानी

त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पैकिंग, निर्माण एवं उपयोग की अवधि तथा प्रतिष्ठान की साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।

गरियाबंद में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिठाई दुकानों से नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजने और फल विक्रेताओं तथा स्ट्रीट फूड कारोबारियों को निर्देश देने की कार्रवाई इसी दिशा में उठाया गया कदम है। अब कुंदा के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और मिलावट की आशंका पर निगरानी रखना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्य खबरें