मडेली सरपंच पर 21 अक्टूबर को होगा बड़ा फैसला! धारा 40 के तहत एसडीएम ने जारी किया अंतिम निर्णय का आदेश.. 9.25 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला निर्णायक मोड़ पर; सरपंच से 5.71 लाख और सचिव से 3.54 लाख रुपये की वसूली की अनुशंसा, अब एसडीएम के फैसले पर टिकी निगाहें

संवाददाता :- अनीश सोलंकी
छुरा :- ग्राम पंचायत मडेली में सामने आई 9 लाख 25 हजार 455 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अब निर्णायक घड़ी आ गई है। सरपंच अशोक कुमार ध्रुव के खिलाफ छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत चल रही कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) छुरा ने 21 अक्टूबर को अंतिम फैसला सुनाने के लिए आदेश जारी कर दिया है। आदेश जारी होने के बाद अब पंचायत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक इस मामले के परिणाम को लेकर निगाहें टिक गई हैं।
जिला पंचायत गरियाबंद की जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित गंभीर आपत्तियां सामने आने के बाद सरपंच और सचिव की जवाबदेही तय करने की अनुशंसा की गई थी। अब 21 अक्टूबर को एसडीएम के समक्ष होने वाली अंतिम निर्णय की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि सरपंच के विरुद्ध धारा 40 के तहत क्या कार्रवाई की जाती है।
9.25 लाख रुपये की अनियमितता, सरपंच-सचिव की जवाबदेही पर सवाल
जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत मडेली में विभिन्न मदों से संबंधित कुल 9,25,455 रुपये की राशि को लेकर वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इसमें सरपंच अशोक कुमार ध्रुव से 5,71,277.50 रुपये तथा सचिव अंबिका सोनी से 3,54,177.50 रुपये की वसूली की अनुशंसा की गई है।
जांच में पंचायत निधि, बाजार, तालाब, कर संग्रहण, 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों से संबंधित वित्तीय मामलों पर सवाल उठाए गए हैं। इन आपत्तियों ने पंचायत के वित्तीय प्रबंधन और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर जवाबदेही का मुद्दा खड़ा कर दिया है।
हालांकि, वसूली की अनुशंसा और अंतिम रूप से दोष निर्धारित किया जाना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इस मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और एसडीएम का अंतिम आदेश महत्वपूर्ण होगा।
30 अप्रैल को भेजा गया था कार्रवाई का प्रस्ताव
मामले में जिला पंचायत गरियाबंद की ओर से 30 अप्रैल 2026 को एसडीएम छुरा को पत्र भेजकर सरपंच के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ा और अब अंतिम निर्णय के लिए 21 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है।
धारा 40 के तहत पंचायत पदाधिकारी को पद से पृथक करने की कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में इस प्रकरण में आने वाला निर्णय सरपंच के पद पर बने रहने और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब 21 अक्टूबर पर टिकी सबकी निगाहें
मडेली पंचायत के इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसडीएम छुरा अंतिम निर्णय में क्या आदेश देते हैं। क्या सरपंच के खिलाफ पद से पृथक करने की कार्रवाई होगी, क्या वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में आगे की कार्रवाई तय होगी या आदेश में कोई अन्य निर्देश जारी होंगे—इन सवालों का जवाब 21 अक्टूबर को सामने आने की उम्मीद है।
पंचायतों में सरकारी राशि के उपयोग और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर यह मामला महत्वपूर्ण है। जांच में उठाई गई आपत्तियों पर नियमानुसार निर्णय लेना और सरकारी राशि से संबंधित जवाबदेही तय करना प्रशासन के लिए अहम होगा।
अब 21 अक्टूबर को एसडीएम छुरा के अंतिम आदेश पर सबकी निगाहें रहेंगी।
मडेली पंचायत के इस चर्चित प्रकरण में आने वाला निर्णय न केवल संबंधित पदाधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि पंचायतों के वित्तीय कामकाज और जवाबदेही के मुद्दे पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
