दीपावली तक नहीं सुधरा कनसिंघी स्वास्थ्य केंद्र तो ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठेंगे विधायक जनक ध्रुव,,रात में इलाज के लिए पहुंचते हैं मरीज, स्वास्थ्य केंद्र में लटका मिलता है ताला कर्मचारियों के रसेला में रहने की बात पर विधायक ने जताई नाराजगी

संवाददाता – अनीश सोलंकी

छुरा। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावों के बीच बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनसिंघी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित अव्यवस्थाओं की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक जनक ध्रुव ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान रात के समय इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर ताला लटका मिलने की समस्या सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने साफ चेतावनी दी कि दीपावली तक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे ग्रामीणों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरने पर बैठेंगे।

कर्मचारी रहते हैं, फिर रात में अस्पताल पर क्यों लटकता है ताला?

ग्रामीणों के अनुसार कनसिंघी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी पदस्थ हैं, लेकिन रात के समय किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ने पर जब परिजन मरीज को लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं, तो स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा मिलता है। ऐसे में ग्रामीणों को समय पर उपचार मिलने के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रात में अचानक बीमारी या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर यह समस्या मरीजों और उनके परिजनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाती है।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांव में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है और वहां कर्मचारियों की पदस्थापना भी है, तो जरूरत के समय मरीजों को उपचार के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है? आखिर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का लाभ ग्रामीणों को उस समय क्यों नहीं मिल पा रहा, जब उन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है?

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों ने भी बताई स्थिति

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों ने भी बताया कि वे रात में कनसिंघी के बजाय रसेला में रहते हैं। इस स्थिति को लेकर कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य केंद्र में रात्रिकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नियमानुसार संबंधित कर्मचारियों को अपने पदस्थापना स्थल पर निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। यदि कर्मचारियों के रात्रि प्रवास और ड्यूटी व्यवस्था के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, तो यह स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीरता से जांच और सुधार का विषय है।

 

विधायक ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी से की चर्चा

ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए विधायक जनक ध्रुव ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर कनसिंघी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने दीपावली तक व्यवस्था में सुधार करने की बात कही और स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक हालात नहीं सुधरे, तो वे ग्रामीणों के साथ स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरने पर बैठेंगे।

विधायक की इस चेतावनी से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर दबाव बढ़ने की संभावना है। अब देखना होगा कि विभाग ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और दीपावली से पहले स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में कितना सुधार किया जाता है।

स्वास्थ्य सुविधा कागजों में नहीं, जरूरत के समय जमीन पर चाहिए

कनसिंघी की समस्या ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और जवाबदेही को लेकर अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इसलिए संचालित किए जाते हैं, ताकि लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों और आपात परिस्थितियों में नजदीक ही उपचार मिल सके। लेकिन यदि रात में अस्पताल बंद मिले और मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़े, तो स्वास्थ्य सुविधा का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है।

अब ग्रामीणों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।

दीपावली तक कनसिंघी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधरती है या ग्रामीणों को विधायक के साथ धरने पर बैठना पड़ता है, यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते व्यवस्था दुरुस्त कर ग्रामीणों को राहत दिलाते हैं या फिर कार्रवाई के लिए आंदोलन का इंतजार करते हैं।

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