साइबर ठगी से बचाव से लेकर नशे के खिलाफ संकल्प तक, मैनपुर में पुलिस ने छात्रों को पढ़ाया जागरूकता का पाठ,स्वामी आत्मानंद स्कूल में पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान—ऑनलाइन फ्रॉड, 1930 हेल्पलाइन, नशा मुक्ति और यातायात नियमों की दी जानकारी

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी 
मैनपुर :- अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से गरियाबंद पुलिस द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान के तहत मैनपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव तथा यातायात नियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी देकर सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) गोपाल वैश्य के नेतृत्व में आयोजित हुआ। मैनपुर थाना प्रभारी सहित पुलिस स्टाफ ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए।

साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन गेमिंग के खतरों, फर्जी कॉल, लिंक और मैसेज के जरिए होने वाली ठगी तथा वित्तीय धोखाधड़ी के बारे में जागरूक किया। बच्चों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या निजी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
पुलिस टीम ने विशेष रूप से राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की रकम को समय रहते रोकने की कार्रवाई की जा सके।

नशे से दूर रहने का दिलाया संकल्प

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर सकता है। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया।

यातायात नियमों का दिया पाठ

सड़क सुरक्षा को लेकर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क संकेतों और यातायात नियमों के पालन के बारे में समझाया गया। पुलिस ने कहा कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन अपनी जिम्मेदारी समझकर करना चाहिए।

पुलिस के प्रयास की हुई सराहना

जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी बताया गया। उपस्थित लोगों ने साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूरी और यातायात नियमों के पालन के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

गरियाबंद पुलिस का यह अभियान केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध से बचाव के लिए समाज को जागरूक करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा जिले के अन्य विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे जारी रखने की बात कही गई है।

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