NH-130C बना मौत का हाईवे! पूर्व विधायक कुमार ओंकार शाह का सरकार पर हमला—’क्या बड़े आंदोलन के बाद ही जागेगा प्रशासन?'”रायपुर–देवभोग राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली पर फूटा जनाक्रोश, चौड़ीकरण और मरम्मत की उठी मांग, हर साल सैकड़ों हादसों के बावजूद नहीं हो रही ठोस कार्रवाई

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी 
गरियाबंद। रायपुर से देवभोग होते हुए ओडिशा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं, जाम और जानलेवा गड्ढों के बीच बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक कुमार ओंकार शाह ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि “क्या बड़े आंदोलन के बाद ही शासन-प्रशासन की नींद खुलेगी?”
पूर्व विधायक कुमार ओंकार शाह ने कहा कि मैनपुर झरियाबाहरा से मंदागमुड़ा और गोहरापदर तक का मार्ग आज भी कई किलोमीटर तक सिंगल लेन है, जबकि यह मार्ग छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ क्षेत्र की जीवनरेखा है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी भयावह हो गई है। जगह-जगह लंबे जाम लग रहे हैं, भारी वाहन फंस रहे हैं और हजारों यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता से भारी-भरकम रोड टैक्स तो वसूल रही है, लेकिन सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण की ओर कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही। सड़क के दोनों किनारों पर बने गहरे गड्ढे और बह चुकी पटरियां किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। कई स्थानों पर वाहन साइड देते ही सड़क से नीचे उतर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि NH-130C अब राष्ट्रीय राजमार्ग कम और “मौत का हाईवे” ज्यादा बन चुका है। पिछले कई वर्षों से सड़क किनारे मुरम पिचिंग तक का कार्य नहीं हुआ है। यही कारण है कि हर साल सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग और सरकार की उदासीनता समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग से सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का नियमित आवागमन होता है, फिर भी सड़क की दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हुए पांच-छह वर्ष बीत जाने के बावजूद सड़क पर कहीं भी गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य दिखाई नहीं देता।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है। बड़े वाहनों को रास्ता देने के लिए उन्हें सड़क किनारे गहरे गड्ढों और कीचड़ में उतरना पड़ता है, जिससे फिसलकर दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
पूर्व विधायक ने बताया कि तौरेंगा राजापड़ाव, बरदुला मोड़, इदागांव, धुरवागुड़ी, जुगांड, कोदोमाली सहित कई स्थानों पर सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन इलाकों में आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा।
कुमार ओंकार शाह ने मांग की कि मैनपुर झरियाबाहरा से मंदागमुड़ा और गोहरापदर तक सड़क का तत्काल चौड़ीकरण कराया जाए तथा पूरे मार्ग की उच्च गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लाखों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।

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