लेखापाल से मारपीट पर भड़का कुर्मी समाज, एसपी कार्यालय पहुंचकर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

देवभोग में शासकीय दफ्तर के भीतर गुंडागर्दी का आरोप, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज
गरियाबंद :- नगर पंचायत देवभोग में लेखापाल संदीप चंद्राकर के साथ कथित मारपीट की घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। शासकीय कार्यालय के भीतर हुई इस घटना को लेकर कुर्मी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। न्याय और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर से मुलाकात कर गृह मंत्री विजय शर्मा एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के नाम ज्ञापन सौंपा।
समाज का आरोप है कि नगर पंचायत कार्यालय में शासकीय कार्य के दौरान दफ्तर के भीतर घुसकर लेखापाल के साथ मारपीट करना न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती है, बल्कि यह सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर सीधा हमला भी है। घटना के बाद कर्मचारी वर्ग और सामाजिक संगठनों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को नगर पंचायत देवभोग कार्यालय में लेखापाल संदीप चंद्राकर और सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक के बीच किसी विषय को लेकर विवाद हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद मुख्य नगरपालिका अधिकारी के केबिन में उनकी मौजूदगी में हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने अपने कुछ बाहरी साथियों को बुलाया, जिसके बाद कार्यालय परिसर में ही लेखापाल संदीप चंद्राकर के साथ जमकर मारपीट की गई।
शासकीय कार्यालय के भीतर हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। कुर्मी समाज ने इसे “प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला” बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
एसपी कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बागबाहरा से वरिष्ठ पदाधिकारी नरेश चंद्राकर, छत्तीसगढ़ प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज जिला गरियाबंद के जिलाध्यक्ष पुरंदर वर्मा, युवा अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, प्रवीण चंद्राकर, लोकेश्वर चंद्राकर, नेमीचंद चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, प्रखर चंद्राकर, सूरज चंद्राकर, आरिन चंद्राकर, गणेश चंद्राकर, गोविंदा चंद्राकर, अंकुश चंद्राकर, बंशी चंद्राकर, सर्वेश चंद्राकर, अनिल चंद्राकर, मनीष चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
ज्ञापन सौंपते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि शासकीय परिसर में इस तरह की हिंसक घटनाएं किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने मांग की कि मारपीट में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर ऐसी कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए मिसाल बने।
पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पूरे जिले की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है।
