चावल उत्सव की पोल खुली: तीन माह का दावा, छुरा में एक माह का राशन भी अधूरा — सरकार के घोषणा पर उठे सवाल”

रिपोर्टर – अनीश सोलंकी
छुरा :-प्रदेशभर में धूमधाम से मनाए जा रहे “चावल उत्सव” को लेकर सरकार भले ही तीन माह (अप्रैल से जून) का राशन एक साथ देने का बड़ा दावा कर रही हो, लेकिन छुरा में जमीनी हकीकत ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। यहां स्थिति यह है कि अप्रैल माह का पूरा राशन भी अब तक दुकानों तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे पूरी योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद एवं राशन दुकान निगरानी समिति के अध्यक्ष सलीम मेमन ने मौके पर पहुंचकर जब स्थिति का निरीक्षण किया, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जय मां शीतला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान में केवल अप्रैल माह का चावल ही उपलब्ध है, जबकि शक्कर और चना जैसी आवश्यक सामग्री का अब तक कोई वितरण नहीं हुआ है।

सलीम मेमन ने कहा कि
“जब एक महीने का पूरा राशन उपलब्ध नहीं है, तो तीन माह का राशन एक साथ देने का दावा पूरी तरह भ्रामक साबित हो रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े प्रचार और घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह लचर हैं। इसका खामियाजा सीधे गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है।

स्थिति यह है कि हितग्राही राशन दुकान पहुंचकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं एपीएल कार्डधारियों का राशन भी अब तक नहीं पहुंचा, जिससे समस्या और गहरी हो गई है।

बड़े सवाल खड़े:

क्या चावल उत्सव सिर्फ प्रचार का माध्यम बनकर रह गया है?

क्या बिना तैयारी के ही योजनाओं की घोषणा की जा रही है?

आखिर गरीबों के हक का राशन बीच में कहां अटक रहा है?

स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है और शासन के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

उपस्थित लोग:
इस दौरान सलीम मेमन, पंचराम टंडन, गिरवर लहरे, अलका यादव एवं बजरंग पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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