सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? 15 सितंबर को चक्काजाम की चेतावनी,तीन साल से शिकायतों के बावजूद नहीं सुधरी,रानीपरतेवा–देवसरा सड़क, चार गांवों के ग्रामीण परेशान; स्कूली बच्चों से लेकर किसानों तक की बढ़ी मुश्किलें

रिपोर्टर – अनीश सोलंकी

छुरा। गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत रानीपरतेवा से देवसरा, करचाली, द्वारतरा और बंहनी को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और उनमें भरा बारिश का पानी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। हालात ऐसे हैं कि सड़क को देखकर यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीण अब सड़क सुधार की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि रानीपरतेवा से देवसरा तक करीब 3 किलोमीटर का सड़क मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है। सड़क की हालत लगातार बिगड़ने के कारण देवसरा, द्वारतरा, करचाली और बंहनी सहित आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।

स्कूली बच्चों से लेकर किसानों तक सब परेशान

इस सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, वहीं किसानों को खाद-बीज ले जाने तथा धान बेचने के लिए परिवहन की समस्या झेलनी पड़ रही है। बस परिवहन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते कुछ ही वर्षों में सड़क की हालत खराब होने लगी। वर्तमान में जगह-जगह डामर उखड़ चुका है और बड़े-बड़े गड्ढे जानलेवा रूप लेते जा रहे हैं।

तीन साल से आवेदन, फिर भी नहीं निकला समाधान

ग्रामीणों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार संबंधित विभाग और जनदर्शन के माध्यम से आवेदन एवं शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन सड़क की वास्तविक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं और सड़क की स्थिति विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में है, तो आखिर मरम्मत में इतनी देरी क्यों की जा रही है?

समाधान नहीं हुआ तो 15 सितंबर को चक्काजाम

क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पन्नालाल ध्रुव ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क सुधार की मांग कर रहे हैं। यदि निर्धारित समय में सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 15 सितंबर 2026 को जर्जर सड़क पर चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग कोई नई सड़क बनाने की नहीं, बल्कि वर्षों से खराब पड़े मार्ग को आवागमन योग्य बनाने की है। यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के बीच सड़क की तत्काल मरम्मत कर बड़े गड्ढों को भरा जाए तथा स्थायी समाधान के लिए सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि चारों गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
आवेदन सौंपने के दौरान पन्नालाल ध्रुव (सरपंच), पवन साहू (ग्राम पटेल), संतोष सिन्हा, हेमलाल मरकाम, परदेसी, बिहारी, बाबूलाल ध्रुव, गंगाराम, नेम, मायाराम साहू, भानु साहू, कृष्णा दीवान, जाट राम दीवान, कमल ध्रुव, लालाराम साहू, योगेश ध्रुव, मनोज दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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