माता शीतला के दरबार में अमितेश शुक्ल ने टेका मत्था, रामजानकी मंदिर के लिए ₹1.11 लाख देने की घोषणा..छुरा में धार्मिक आस्था के साथ मंदिर निर्माण को सहयोग, माता शीतला से प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

संवाददाता – अनीश सोलंकी
छुरा। प्रथम पंचायत मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमितेश शुक्ल शुक्रवार को छुरा नगर की आराध्य देवी मां शीतला के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद लिया तथा राजिम विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे छत्तीसगढ़ की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने अपने नाम से प्रज्वलित ज्योत के साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नाम से प्रज्वलित ज्योत के भी दर्शन किए।
मां शीतला मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद अमितेश शुक्ल नगर में निर्माणाधीन भव्य रामजानकी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभु श्रीराम और माता जानकी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग की भावना से उन्होंने **₹1,11,101 (एक लाख ग्यारह हजार एक सौ एक रुपये)** देने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा से मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।
मां शीतला के दरबार में उमड़ी श्रद्धा, रामजानकी मंदिर को मिलेगा सहयोग
धार्मिक आस्था से जुड़े इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। मां शीतला के दर्शन के बाद रामजानकी मंदिर पहुंचकर आर्थिक सहयोग की घोषणा करना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। मंदिर निर्माण में सहयोग की इस पहल से जुड़े लोगों में प्रसन्नता देखी गई। इस दौरान धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सहभागिता की भावना भी नजर आई।
कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीमती महेश्वरी शाह, अब्दुल समद खान, यशपेंद्र शाह, मंजू ध्रुव, पंचराम टंडन, नीलकंठ ठाकुर, सलीम मेमन, अशोक दीक्षित, हरीश यादव, रामजी दीवान, शांतनु देवांगन, दीप्ति यादव, श्वेता चंद्राकर, सोनू दीक्षित, शैलेन्द्र दीक्षित, रमेश चंद्राकर और मोनू दीक्षित उपस्थित रहे।
वहीं मंदिर समिति की ओर से गोपाल सोनी, मितेश दीक्षित, संत राम निर्मलकर, कोमल सोनी, कुमार ध्रुव एवं संतराम यादव सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
मां शीतला के दर्शन और प्रभु श्रीराम-माता जानकी के प्रति श्रद्धा के बीच रामजानकी मंदिर निर्माण के लिए ₹1,11,101 की सहयोग राशि देने की घोषणा इस धार्मिक आयोजन का प्रमुख विषय रही।
