प्रदेश के बांधों की सुरक्षा का जिम्मा अब एस.के. बर्मन के कंधों पर, मुख्य अभियंता बनकर संभालेंगे कमान,,गरियाबंद जल संसाधन संभाग के अधीक्षण अभियंता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बांधों की सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और निर्धारित मानकों के पालन पर रहेगा फोकस
संवाददाता – अनीश सोलंकी
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण पदस्थापना आदेश जारी करते हुए गरियाबंद जल संसाधन संभाग में पदस्थ अधीक्षण अभियंता श्री एस.के. बर्मन को मुख्य अभियंता, बांध सुरक्षा संगठन के पद पर पदस्थ किया है। कार्यालय प्रमुख अभियंता, नवा रायपुर के अंतर्गत आने वाले इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी उन्हें राज्य शासन द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के माध्यम से सौंपी गई है। उनकी नई पदस्थापना को प्रदेश में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गरियाबंद से पूरे छत्तीसगढ़ तक होगा कार्यक्षेत्र का विस्तार
गरियाबंद जल संसाधन संभाग में अधीक्षण अभियंता के रूप में पदस्थ श्री बर्मन को अब प्रदेशव्यापी जिम्मेदारी मिली है। मुख्य अभियंता, बांध सुरक्षा संगठन के रूप में उनका कार्यक्षेत्र गरियाबंद जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में स्थित बांधों की सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों से जुड़ा होगा। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के अंतर्गत बांधों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी, तकनीकी पहलुओं का परीक्षण तथा निर्धारित प्रक्रियाओं और मानकों के अनुपालन को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
बांधों की सुरक्षा केवल जल संसाधनों के संरक्षण तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आसपास के क्षेत्रों में रहने वाली आबादी, कृषि, सिंचाई व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा से भी है। ऐसे में बांध सुरक्षा संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। बांधों की स्थिति का नियमित आकलन, संभावित जोखिमों की पहचान और आवश्यक तकनीकी उपायों की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख पहलू हैं।
बांध सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के पालन पर रहेगा जोर
प्रदेश में बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 लागू है। इस अधिनियम के तहत बांधों की नियमित निगरानी, निरीक्षण, सुरक्षा मानकों के पालन तथा आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप संचालित करना महत्वपूर्ण है।
मुख्य अभियंता, बांध सुरक्षा संगठन की जिम्मेदारी इन प्रावधानों के अनुरूप सुरक्षा संबंधी कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने से जुड़ी है। इसके तहत बांधों की सुरक्षा से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर ध्यान देने के साथ ही निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन को भी महत्व दिया जाएगा। प्रदेश में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय और तकनीकी निगरानी की आवश्यकता रहती है।
महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, प्रदेशव्यापी निगरानी की भूमिका
श्री एस.के. बर्मन की नई पदस्थापना के साथ उन्हें प्रदेश के सभी जिलों में बांध सुरक्षा से जुड़े कार्यों की व्यापक जिम्मेदारी मिली है। बांधों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्यों की निगरानी करने और सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रावधानों के पालन पर ध्यान देना इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
गरियाबंद जल संसाधन संभाग में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत रहे श्री बर्मन को अब राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। शासन के इस आदेश के बाद बांध सुरक्षा संगठन में उनकी भूमिका प्रदेश के जल संसाधन ढांचे की सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
