राजदुलारी शाह को अश्रुपूरित विदाई : अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शाही शमशानघाट तक गूंजे श्रद्धा-सम्मान के स्वर

छुरा :- छुरा राजपरिवार की बहू एवं बिंद्रानवागढ़ के पूर्व विधायक कुमार ओंकार शाह की धर्मपत्नी राजदुलारी शाह की अंतिम यात्रा में सोमवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। वातावरण शोकमग्न था और हर आंख नम दिखाई दे रही थी।

राजदुलारी शाह का अंतिम संस्कार छुरा के शाही शमशानघाट में पूरे रीति-रिवाज और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा जब नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी तो लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर श्रद्धासुमन अर्पित करते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धा और सम्मान का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

अंतिम दर्शन के दौरान दूधधारी मठ के पीठाधीश एवं पूर्व विधायक रामसुंदर दास, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, राजिम विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुकचंद बेसरा, भाजपा मंडल अध्यक्ष छुरा खोमन चंद्राकर, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अवध साहू, जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुवा, जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अब्दुल समद खान, जनपद पंचायत देवभोग उपाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल,प्रदीप वर्मा, आर के रिछरिया, अनिल अग्रवाल,राजेश साहू, डी के ठाकुर,नीरज ठाकुर, उमेश नौवरंगे,चंद्रभूषण चौहान,पत्रकार संघ अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, अनीश सोलंकी, प्रकास यादव, हरीश यादव,भोला जगत,सेवन पुजारी, नीलकंठ ठाकुर,नेपाल सिंह,सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

राजदुलारी शाह के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उन्हें सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में याद किया जा रहा है। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी को लोग भावुक होकर स्मरण कर रहे हैं।

अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजदुलारी शाह ने अपने व्यवहार और सेवा भाव से समाज में एक विशेष स्थान बनाया था। उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।

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