टूटा पुल देखकर विधायक रोहित साहू ने मौके पर ही संभाला मोर्चा! जेसीबी-ट्रैक्टर मंगवाकर खुद खड़े रहकर शुरू कराया वैकल्पिक रास्ते का काम

कोसमबुड़ा–सारागांव मार्ग पर 10 पंचायतों के आवागमन का संकट, स्कूली बच्चों की परेशानी देख विधायक ने अधिकारियों को दिए तत्काल व्यवस्था के निर्देश
संवाददाता – अनीश सोलंकी
छुरा। कोसमबुड़ा–सारागांव, चूरकीदादर मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के कारण पैदा हुए आवागमन संकट को लेकर राजिम विधायक रोहित साहू बुधवार को स्वयं मौके पर पहुंचे। पुल की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करने के बाद विधायक ने अधिकारियों के भरोसे इंतजार करने के बजाय मौके से ही मोर्चा संभालते हुए जेसीबी और ट्रैक्टर बुलवाए तथा वैकल्पिक रास्ते को दुरुस्त कराने का काम तत्काल शुरू कराया। खास बात यह रही कि विधायक स्वयं मौके पर खड़े रहकर पूरी व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
पुल टूटने के कारण क्षेत्र की करीब 10 पंचायतों के ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा था। बारिश के मौसम में रास्ता बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को हो रही थी। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने मौके पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
टूटे पुल के पास लगी चौपाल, अधिकारी-कर्मचारियों से आमने-सामने चर्चा
निरीक्षण के दौरान विधायक रोहित साहू ने टूटे पुल के पास ही चौपाल लगाकर जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ चर्चा की। इस दौरान पुल की वर्तमान स्थिति, आवागमन में आ रही बाधा, वैकल्पिक रास्ते और स्थायी समाधान को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण आम जनता को किसी भी स्थिति में आवागमन के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। पहले वैकल्पिक रास्ते को चालू कराया जाए, उसके बाद स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई तेज की जाए।
उन्होंने मौके पर ही आवश्यक मशीनरी लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से वैकल्पिक मार्ग को आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कर दिया गया।
“पहले रास्ता चालू हो, बाकी काम बाद में”—मौके पर विधायक का त्वरित एक्शन
विधायक रोहित साहू ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनता का आवागमन किसी भी हालत में लंबे समय तक बाधित नहीं रहना चाहिए। क्षतिग्रस्त पुल की स्थायी मरम्मत या पुनर्निर्माण में समय लग सकता है, लेकिन तब तक लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने के बाद उन्हें अपने जरूरी कामों के लिए आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। बच्चों को स्कूल जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
स्कूली बच्चों से सीधे पूछा—“स्कूल आने-जाने में कितनी परेशानी हो रही है?”
निरीक्षण के दौरान विधायक ने मौके पर मौजूद स्कूली छात्रों से सीधे संवाद किया और उनसे पूछा कि टूटे पुल के कारण स्कूल आने-जाने में किस तरह की परेशानी हो रही है। बच्चों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं विधायक के सामने रखीं।
विधायक ने कहा कि बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैकल्पिक मार्ग ऐसा बनाया जाए, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का आवागमन भी सुरक्षित और सुगम हो सके।
10 पंचायतों के लोगों की जुड़ी है आवाजाही, लंबे समय से बनी थी परेशानी
कोसमबुड़ा–सारागांव मार्ग का यह पुल आसपास के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से करीब 10 पंचायतों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों के लिए यह केवल रास्ते की समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि कार्य, बाजार और दैनिक जरूरतों से जुड़ा गंभीर संकट बन गया था।
ऐसे में विधायक द्वारा स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना और मौके से ही मशीनरी लगवाकर वैकल्पिक रास्ते का काम शुरू कराना ग्रामीणों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश—बारिश में जनता की परेशानी नहीं होनी चाहिए
विधायक ने लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से पुल की स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में प्रशासन को तत्काल सक्रिय होकर लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था केवल औपचारिकता न हो, बल्कि लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिहाज से मजबूत और उपयोगी हो। साथ ही क्षतिग्रस्त पुल की स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण की दिशा में भी आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मौके पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण एवं मौके पर आयोजित चौपाल के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता रामेश्वर सोरी, छुरा एसडीएम विशाल महाराणा, तहसीलदार मयंक अग्रवाल, एसडीओ के.पी. सकरिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष खोमन चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य लेखराज ध्रुवा, जनपद सदस्य पंकज निर्मलकर, जनपद सदस्य नारायण सिन्हा, भाजपा नेता राजू साहू, थानसिंग निषाद, रिंकू सचदेव, रामलाल कुलदीप, सूजल कोठारी, दादरगांव सरपंच दुवासु राम,दादरगांव के उपसरपंच, भाजपा महिला मोर्चा महामंत्री यामिनी चंद्राकर, अशोक ठाकुर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
वैकल्पिक रास्ते से राहत, अब स्थायी समाधान की उम्मीद
मौके पर जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर वैकल्पिक मार्ग का काम शुरू होने से ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि तत्काल वैकल्पिक रास्ता बनना जरूरी था, लेकिन इसके साथ ही टूटे पुल का स्थायी और मजबूत समाधान भी जल्द किया जाना चाहिए।
फिलहाल विधायक रोहित साहू की पहल के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ है और मौके पर वैकल्पिक व्यवस्था का काम शुरू हो गया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि अस्थायी व्यवस्था के साथ क्षतिग्रस्त पुल के स्थायी पुनर्निर्माण की कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
