बिजली के लिए सड़कों पर उतरा राजापड़ाव, NH-130 पर जनसैलाब का आक्रोश, सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा समस्या का निदान चाहिये

मैनपुर :- राजापड़ाव क्षेत्र की पाँच पंचायतों में वर्षों से लंबित बिजली समस्या को लेकर सोमवार को जनआक्रोश फूट पड़ा। “अब अंधेरे में नहीं जीना” का नारा बुलंद करते हुए हजारों ग्रामीणों ने रायपुर–देवभोग राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 को जाम कर दिया। सुबह करीब 9 बजे से ही महिलाएँ, बुजुर्ग और बच्चे सड़क पर बैठ गए और पूरा मार्ग ठप हो गया।
चक्काजाम का असर कुछ ही मिनटों में दिखने लगा। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, यात्री पैदल सफर करते नजर आए। कई स्कूली बच्चे स्कूल नहीं पहुँच सके, एंबुलेंस व जरूरी सेवाओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। जंगल से गुजरने वाले इस मार्ग पर सन्नाटा और तनाव दोनों साफ महसूस किया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजापड़ाव की कुछ पंचायतों में आंशिक बिजली पहुँचने के बावजूद आज भी कई पारा-टोले अंधेरे में डूबे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार ज्ञापन, आवेदन और आश्वासन के बाद भी जमीनी काम नहीं हुआ। इसी आक्रोश ने आज सड़क पर जनसैलाब खड़ा कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मौके पर पहुँचे देवभोग एसडीएम रामसिंह सोरी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने दो टूक कहा—
“अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए।”
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक पाँचों पंचायतों के हर पारा-टोले में स्थायी बिजली आपूर्ति का लिखित और समयबद्ध आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन और तेज किया जाएगा।

राजापड़ाव का यह चक्काजाम न सिर्फ बिजली की माँग है, बल्कि प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ जनआक्रोश का बड़ा संदेश भी है—कि अंधेरे में जीने को मजबूर जनता अब चुप नहीं बैठेगी।
