पंडित श्यामा चरण शुक्ला एक अनुभवी, दूरदर्शी और जनप्रिय राजनीतिज्ञ थे – नादिर कुरैशी

गरियाबंद :- भारतीय राजनीति में जब भी दूरदर्शिता, सादगी और जनसेवा की बात होती है, तो श्रद्धा और सम्मान के साथ जिस नाम का उल्लेख किया जाता है, वह है स्वर्गीय पंडित श्यामा चरण शुक्ला। उनकी 100वीं पुण्यतिथि पर गरियाबंद जिले में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर नादिर कुरैशी ने कहा कि पंडित श्यामा चरण शुक्ला एक अनुभवी और भविष्य दृष्टा राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी। वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि जनभावनाओं को समझने वाले सच्चे जननायक थे।
पंडित श्यामा चरण शुक्ला का राजनीतिक जीवन अत्यंत गौरवशाली रहा। वे पहली बार वर्ष 1957 में राजिम विधानसभा क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद 1962, 1967, 1972, 1990, 1993 और 1998 में भी जनता ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना। वे तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए।
राजिम विधानसभा क्षेत्र में वे “श्याम भैया” के नाम से लोकप्रिय थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में सिंचाई क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए, जिससे किसानों को व्यापक लाभ मिला और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई धारा प्रवाहित हुई।
वक्ताओं ने कहा कि पंडित श्यामा चरण शुक्ला का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सादगी, कार्यशैली और जनहित के प्रति समर्पण को सदैव याद रखा जाएगा।
