लखपति दीदी मिशन को नई रफ्तार: 28 हजार महिलाओं ने बदली किस्मत, गरियाबंद बना आत्मनिर्भरता का मॉडल!”

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
छुरा :- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गरियाबंद जिला तेजी से एक मिसाल बनकर उभर रहा है। “लखपति महिला पहल” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समन्वय समिति की अहम बैठक कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई, जिसमें महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की रणनीति तय की गई।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में यह स्पष्ट किया गया कि अब लक्ष्य सिर्फ योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि हर महिला को आत्मनिर्भर बनाकर उसकी आय एक लाख रुपये से अधिक करना है।
28 हजार “लखपति दीदी” बनीं बदलाव की पहचान
गरियाबंद जिले में अब तक 28 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। यह आंकड़ा न केवल सरकारी प्रयासों की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की मजबूत भागीदारी का भी प्रमाण है। कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, बागवानी और लघु उद्योगों से जुड़कर महिलाएं अपनी आमदनी में लगातार वृद्धि कर रही हैं।
लखपति दीदी ग्राम” मॉडल से बदलेगा गांवों का चेहरा
बैठक में “लखपति दीदी ग्राम” की संकल्पना को पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से विस्तार से बताया गया। इस मॉडल के तहत गांव स्तर पर महिलाओं को संगठित कर उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए समग्र आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
सफलता की कहानी बनी प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान “लखपति महिला पहल” पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें जिले की महिलाओं की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दिखाया गया। साथ ही बिहान गरियाबंद द्वारा प्रकाशित पत्रिका “उजास” का विमोचन कर महिलाओं की उपलब्धियों को मंच दिया गया।
कलेक्टर का सख्त निर्देश – हर योजना का लाभ महिलाओं तक पहुंचे
कलेक्टर श्री उइके ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्व सहायता समूह की महिलाओं तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाएं। उन्होंने प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, वित्तीय समावेशन और मार्केटिंग सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
बैंक लोन और योजनाओं से मिलेगा संबल
जिला पंचायत सीईओ श्री चंद्राकर ने कहा कि विभागीय तालमेल से अधिक से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनेंगी। इसके लिए बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में डीपीएम श्री पतंजल मिश्रा, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री दिनबंधु ध्रुव, अंत्यवसायी विभाग की सीईओ सुश्री रश्मि गुप्ता और लाईवलीहुड कॉलेज की परियोजना अधिकारी श्रीमती सृष्टि मिश्रा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
गरियाबंद अब सिर्फ योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त कहानी लिख रहा है—जहां “लखपति दीदी” सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि बदलाव की क्रांति बन चुकी है।
