पंचायत में फर्जी मस्टर रोल का महाघोटाला! गरीबों के हक पर डाका, कलेक्टर दरबार पहुँचे ग्रामीण”, मामला देवभोग ब्लाक का, 6 महीने पहले जांच मे दोषी पर कार्यवाही शून्य

गरियाबंद :- जिले के देवभोग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हडई कला से भ्रष्टाचार का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। रोजगार सहायक पर फर्जी मस्टर रोल बनाकर सरकारी राशि की बंदरबांट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। गुस्साए ग्रामीण अब न्याय की आस में सीधे कलेक्टर के दरवाजे पर दस्तक दे चुके हैं।
“काम कम, कागजों में ज्यादा मजदूरी!”
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में चल रहे निर्माण कार्य—नर्सरी, आंगनबाड़ी भवन सहित अन्य विकास कार्यों—में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। रोजगार सहायक ने नियमों को ताक पर रखकर अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से मजदूरी निकाल ली, जबकि असल मजदूरों को उनका हक तक नहीं मिला।
“जांच में खुली पोल, फिर भी कार्रवाई शून्य!”
शिकायत पत्र में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि इस मामले की जांच पहले ही जनपद पंचायत देवभोग स्तर पर कराई जा चुकी है, जिसमें प्रारंभिक तौर पर गड़बड़ी की पुष्टि भी हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद दोषी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
“प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल”
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश और अविश्वास पैदा हो रहा है।
“अब आर-पार की लड़ाई!”
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संबंधित रोजगार सहायक को निलंबित कर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
“एकजुट हुए गांव वाले”
ग्राम कुम्हडई कला के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट होकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि गरीब मजदूरों के अधिकार और सम्मान का सवाल है।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर गिरेगी गाज या फिर फाइलों में ही दब जाएगा यह बड़ा घोटाला?
