साइकिल मिली तो खिल उठे 42 बेटियों के चेहरे, शिक्षा की राह हुई आसान,कोसमी हायर सेकेंडरी स्कूल में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को मिला निःशुल्क साइकिल का उपहार, पढ़ाई के साथ सपनों को भी मिले पंख

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
छुरा। बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और ग्रामीण अंचल की छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल वितरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में विकासखंड छुरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसमी में कक्षा 9वीं में नवप्रवेशी 42 पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। साइकिल हाथ में आते ही छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। लंबे समय से विद्यालय आने-जाने में होने वाली परेशानी से जूझ रही छात्राओं के लिए यह साइकिल किसी सौगात से कम नहीं है।
विद्यालय परिसर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हेमलाल यादव, ग्राम पंचायत कोसमी के सरपंच कमलेश ठाकुर, उपसरपंच ऋषिगिरी गोस्वामी एवं विद्यालय के प्राचार्य एस.के. लब्जेवार ने पात्र छात्राओं को साइकिल प्रदान की। साइकिल प्राप्त करते ही छात्राओं में जबरदस्त उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता, शिक्षकगण एवं अन्य विद्यालयीन स्टाफ भी उपस्थित रहे।
बेटियों की राह में दूरी नहीं बनेगी बाधा
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी कई बार छात्राओं की पढ़ाई के सामने बड़ी चुनौती बन जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए प्रतिदिन स्कूल आने-जाने का साधन जुटाना आसान नहीं होता। ऐसी स्थिति में शासन की सरस्वती साइकिल योजना छात्राओं के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है।
कोसमी विद्यालय की 42 छात्राओं को साइकिल मिलने से अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी। साइकिल से छात्राएं समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी और नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। इससे न केवल उनकी उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है, बल्कि शिक्षा के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।
साइकिल नहीं, बेटियों को मिला आत्मनिर्भरता का साधन
सरस्वती साइकिल योजना को केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं माना जा सकता। ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए यह योजना शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साइकिल मिलने से छात्राओं को आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होगी और वे अपने समय का बेहतर उपयोग कर सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी इस बात की गवाही दे रही थी कि शासन की यह पहल उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। कई छात्राओं के लिए साइकिल विद्यालय तक पहुंचने का साधन बनने के साथ-साथ उनके बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का माध्यम भी बनेगी।
SC, ST और BPL परिवारों की पात्र छात्राओं को योजना का लाभ
सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत पात्र अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं बीपीएल परिवारों की बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ना, विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है।
विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए यह योजना बेहद उपयोगी साबित हो रही है। विद्यालय तक पहुंचने में आने वाली दूरी और परिवहन संबंधी परेशानियां कम होने से छात्राओं के स्कूल छोड़ने की संभावना भी कम होती है।
शिक्षा के साथ सपनों को भी मिलेगी रफ्तार
कोसमी विद्यालय में 42 छात्राओं को मिली साइकिल को लेकर विद्यालय परिवार में भी उत्साह का माहौल रहा। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि छात्राओं को मिलने वाली ऐसी सुविधाएं उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
एक ओर जहां छात्राओं को विद्यालय पहुंचने का सुगम साधन मिला है, वहीं दूसरी ओर उनके अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है। साइकिल के पहिए अब केवल सड़क पर नहीं चलेंगे, बल्कि इन 42 बेटियों के सपनों और उनके उज्ज्वल भविष्य को भी नई रफ्तार देंगे।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
साइकिल वितरण कार्यक्रम में शाला विकास एवं प्रबंधन समिति अध्यक्ष हेमलाल यादव, ग्राम पंचायत कोसमी सरपंच कमलेश ठाकुर, उपसरपंच ऋषिगिरी गोस्वामी, प्राचार्य एस.के. लब्जेवार सहित विद्यालय के व्याख्याता एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
42 बेटियों के चेहरों की मुस्कान ने यह संदेश साफ कर दिया कि जब सरकार सुविधा देती है और समाज सहयोग करता है, तो गांव की बेटियां भी अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
