टंकी फुल दावों की, लेकिन जनता को बूंद-बूंद पेट्रोल” पेट्रोल-डीजल संकट और बेलगाम महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, पंपों पर पहुंचकर सरकार को घेरा “एक तरफ सरकार कह रही सब सामान्य, दूसरी तरफ किसान डीजल की बूंद-बूंद को मोहताज”

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
छुरा। पेट्रोल-डीजल की किल्लत, बेलगाम महंगाई और आम जनता की बढ़ती परेशानियों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छुरा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शुरू हुए तीन दिवसीय आंदोलन के पहले दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टिकरिहा एवं मेमन पेट्रोल पंप पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों को जमकर आड़े हाथों लिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कागजों और भाषणों में व्यवस्था संभालने के दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि किसान, मजदूर, व्यापारी और आम लोग पेट्रोल-डीजल के लिए घंटों भटकने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पंपों पर पहुंचे ग्राहकों और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सरकार की नीतियों को पूरी तरह जनविरोधी बताया।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में महंगाई अब “आर्थिक आपदा” का रूप ले चुकी है। पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री, सराफा, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकार जनता को राहत देने के बजाय सिर्फ भाषण और विज्ञापनों में व्यस्त है। नेताओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “सरकार के पास चुनावी प्रचार के लिए पैसा है, लेकिन जनता को राहत देने की इच्छाशक्ति नहीं।”
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष माहेश्वरी शाह ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी के बीच प्रशासन द्वारा सीमित मात्रा में ईंधन देने का आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक और किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को ट्रैक्टर, पंप और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त डीजल की जरूरत होती है, लेकिन सरकार ने किसानों को लाइन में खड़ा कर दिया है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सरकार एयरकंडीशन दफ्तरों में बैठकर खेती नहीं समझ सकती, किसान की परेशानी खेत में उतरकर ही समझ आती है।”उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी मरीज को अचानक रायपुर या बड़े अस्पताल रेफर करना पड़े, तो सीमित पेट्रोल व्यवस्था लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। “सरकार की लापरवाही अब सीधे जनता की जिंदगी से खिलवाड़ बनती जा रही है,”
महामंत्री हरीश यादव ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन लगातार पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने का दावा कर रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। लोग घंटों लाइन में लगने के बावजूद पर्याप्त पेट्रोल-डीजल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार सिर्फ बयानबाजी कर रही है।
पार्षद सलीम मेमन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से विदेश यात्राएं कम करने की अपील करते हैं, लेकिन स्वयं लगातार विदेशी दौरों में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर चुनाव के बाद महंगाई बढ़ जाती है और इसका सीधा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ता है।
उन्होंने कहा, “आज किसान परेशान है, व्यापारी परेशान है, युवा बेरोजगार है, और ऊपर से NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा भी लीक हो जाती है। इससे साफ है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।”
युवा नेता अंशुल तिवारी ने कहा कि सरकार की योजनाएं सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रह गई हैं। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ईंधन संकट ने आम जनता की जिंदगी मुश्किल कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले चुनावों में जनता सरकार को करारा जवाब देगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान छुरा, रसेला, लोहझर, गायडबरी और मडेली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कमी से खेती, व्यापार, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर ईंधन नहीं मिलने से दैनिक कार्य बाधित हो रहे हैं और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम जनता की आवाज है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर सरकार तक जनता की पीड़ा पहुंचाई जाएगी।
इस दौरान राजा यष्पेंद्र शाह, समद खान, अब्दुल शमीम खान, पंचराम टंडन, देवसिंग नेताम, राजकुमारी सोनी, भानुप्रताप वर्मा, डॉ. योगेंद्र चंद्राकर, थानुराम तारक, न्याज अहमद, शांतनु देवांगन, श्वेता चंद्राकर, सोनू दीक्षित, देशबाई ध्रुव, शैलेन्द्र दीक्षित, मोनू दीक्षित, संदीप सोनी, विकास दुबे, वीरेंद्र निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
